कई महीनों तक लगातार बढ़त के बाद अब सोने की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पश्चिम एशिया में Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद इस हफ्ते सोने के दाम करीब ₹13,700 प्रति 10 ग्राम तक गिर गए हैं। साथ ही चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चौंकाने वाली है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसकी कीमत बढ़ती है।
अमेरिका की ब्याज दरों का बड़ा असर
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve की नीति है। फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड और डॉलर आधारित निवेश को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि वहां उन्हें बेहतर रिटर्न मिलता है। इससे सोने की मांग कम होती है और कीमतों में गिरावट आती है।
डॉलर की मजबूती और चीन का फैसला
सोने की कीमतों पर US Dollar की मजबूती का भी सीधा असर पड़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग घटती है। इसके अलावा People’s Bank of China द्वारा सोने की खरीद रोकने के फैसले ने भी बाजार को झटका दिया है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है, ऐसे में उसके इस कदम से बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया है और निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।
कौन बेच रहा है सोना और क्यों बढ़ा दबाव
बाजार में बड़ी मात्रा में बिकवाली का कारण संस्थागत निवेशक हैं, जो अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं और ज्यादा रिटर्न देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स से भी लगातार पैसा निकाला जा रहा है, जिससे दबाव और बढ़ गया है। कई निवेशक हालिया मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं। वहीं, उधार लेकर निवेश करने वाले ट्रेडर्स तेजी से अपनी पोजीशन से बाहर निकल रहे हैं, जिससे गिरावट और तेज हो गई है।







