प्रकाश संवाददाता, मेरठ मित्र ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर मेरठ ले आया। दो दिन तक साथ रहे, फिर दोस्त चला गया। युवक अनजान शहर में इतना निराश हो गया कि सिटी स्टेशन पर आत्महत्या करने लगा। यहां वह ट्रेन के आगे कूदने के लिए फुट ओवरब्रिज पर चढ़ गया। जब लोगों ने देखा, शोर मच गया। इसके बाद, जीआरपी और यात्रियों ने उसे नीचे उतारा।
युवा ने बताया कि वह पैसे की कमी से जूझ रहा था। परिवार को जीना मुश्किल था। दोस्त से काम की मांग करने के बावजूद वह भी अकेला छोड़कर भाग गया। पड़ोस के अमृतसर में रहने वाले रंजीत ने अपने दोस्त राकेश से काम दिलाने को कहा। शनिवार को वह उसे मेरठ लेकर आया। यहां कई स्थानों पर काम तलाशा, लेकिन सफल नहीं हुआ।
राकेश सोमवार सुबह उसे छोड़कर चला गया। मैंने उसकी खोज की, लेकिन कुछ भी नहीं पाया। वापस जाने के लिए राशि भी नहीं थी। वह बुधवार शाम लगभग साढ़े छह बजे सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और फिर फुट ओवरब्रिज पर चढ़कर पटरी की ओर चला गया। ट्रेन आते ही उसने कूदने की कोशिश की, लेकिन यात्रियों ने शोर मचाकर उसे नहीं करने को कहा।
उस समय आरपीएफ और जीआरपी भी मौके पर पहुंचे। रंजित ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो कूदने की धमकी दी। इसके बाद आधे घंटे तक रंजीत को समझाने की कोशिश की गई। रंजीत ने गुरु गोविंद सिंह की कसम खाते हुए उसी समय पांच सौ रुपये प्राप्त किए। साथ ही अपने स्वयं के साथ बातचीत करने का आश्वासन दिया।
कुछ देर बाद वह रेलिंग पार कर पुल पर पहुंचा। GRP उसे थाने ले गया, जहां से उसे टिकट मिलाकर अमृतसर चला गया। किसी यात्री ने अपने मोबाइल से एक वीडियो बनाया और उसे इंटरनेट पर शेयर किया।







