उत्तर प्रदेश के युवा लोगों को बड़ी खुशखबरी मिली है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पुलिस विभाग में भर्ती में वृद्धि की घोषणा की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 81,000 से अधिक पुलिस पदों को भरा जाएगा।

इस निर्णय को न केवल रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने का भी उद्देश्य है
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी चयन प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों और आरक्षण व्यवस्था के अनुसार चलाया जाए। सरकार चाहती है कि युवा लोगों को समान अवसर मिले और उनका विश्वास भर्ती प्रक्रिया में बना रहे

इस व्यापक भर्ती अभियान में कई पदों को शामिल किया गया है। इनमें सब-इंस्पेक्टर, सिविल पुलिस कांस्टेबल, ग्रेड-ए कंप्यूटर ऑपरेटर, रेडियो असिस्टेंट ऑपरेटर और अन्य तकनीकी और गैर-तकनीकी पद शामिल हैं।
इन सभी पदों से पुलिस बल की संख्या और तकनीकी क्षमता बढ़ेगी।

जब बात चयन प्रक्रिया की आती है, तो उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से चुना जाएगा। लिखित परीक्षा 300 अंकों की होगी और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को पूछेगी परीक्षा चार प्रमुख विषयों पर होगी
सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, मानसिक और संख्यात्मक क्षमता, मानसिक अभिरुचि, बुद्धिलब्धि, तार्किक क्षमता परीक्षा की इस तरह की संरचना का उद्देश्य उम्मीदवारों की समग्र क्षमता का मूल्यांकन करना है







