कर्नाटक के बेलगावी जिले में स्थित सावदत्ती येल्लम्मा मंदिर को इस बार ऐसा चढ़ावा मिला है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अप्रैल से जून 2025 के बीच सिर्फ तीन महीनों में मंदिर को कुल ₹3.81 करोड़ की चढ़ावा प्राप्त हुई है। ये चढ़ावा न सिर्फ नकद में है बल्कि सोने और चांदी के आभूषणों में भी है। चौंकाने वाली बात ये है कि यह चढ़ावा पिछले दो वर्षों की तुलना में दोगुना है। साल 2023 में जहां मंदिर को ₹1.65 करोड़ की चढ़ावा मिली थी वहीं 2024 में ये आंकड़ा ₹1.96 करोड़ तक पहुंचा था।
कितना मिला नकद और कितना सोना-चांदी?
मंदिर प्रशासन के अनुसार अप्रैल 1 से जून 30, 2025 तक मंदिर को कुल ₹3.39 करोड़ नकद के रूप में प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने मंदिर को ₹32.94 लाख के सोने के आभूषण भी भेंट किए हैं। यही नहीं मंदिर को 8.7 किलोग्राम चांदी के आभूषण भी चढ़ावे में मिले हैं जिनकी कीमत लगभग ₹9.79 लाख आंकी गई है। इस चढ़ावे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और श्रद्धालुओं की आस्था को देखकर हर कोई हैरान है।

क्यों बढ़ा मंदिर में चढ़ावे का आंकड़ा?
सावदत्ती येल्लम्मा मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और चढ़ावे की वजह मंदिर में किए गए बदलाव हैं। मंदिर प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में वहां की सुविधाओं को बेहतर बनाया है। साफ-सफाई, दर्शन की व्यवस्था और भक्तों के ठहरने जैसी व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। मंदिर विकास प्राधिकरण के सचिव अशोक डुडगुंटी ने बताया कि ये सारा चढ़ावा मंदिर के विकास और बुनियादी ढांचे को और मज़बूत बनाने में लगाया जाएगा।
श्रद्धालुओं की आस्था से हो रहा मंदिर का विकास
उत्तर कर्नाटक में शक्ति देवी येल्लम्मा का यह मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। भक्त बड़ी संख्या में यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अब जब मंदिर में सुविधाएं बढ़ी हैं तो भक्तों का विश्वास और भी गहरा हो गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि वे इस चढ़ावे से ना सिर्फ मंदिर के भीतर की व्यवस्था सुधारेंगे बल्कि मंदिर परिसर के बाहर भी सुविधाएं बढ़ाएंगे जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। आस्था और व्यवस्था का ये संगम मंदिर को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।







