फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम के चौथे राउंड में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रग्गानंधा ने विश्व के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर सबको चौंका दिया। यह मुकाबला केवल 39 चालों में समाप्त हो गया और यह जीत प्रग्गानंधा के करियर की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है। नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी कार्लसन के लिए यह लगातार दूसरी हार थी क्योंकि इससे पहले वे भारत के विश्व चैंपियन डी गुकेश से भी हार चुके हैं।
सभी फॉर्मेट में कार्लसन को दी मात
इस टूर्नामेंट में प्रग्गानंधा ने कार्लसन के खिलाफ क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज सभी फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की है। चौथे राउंड में उन्होंने 10 मिनट + 10 सेकंड के टाइम कंट्रोल में खेलते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण रखा। उनके खेल की सटीकता 93.9 प्रतिशत रही जबकि कार्लसन सिर्फ 84.9 प्रतिशत नियंत्रण रख पाए। इस जीत से यह साफ हो गया कि प्रग्गानंधा का आत्मविश्वास और कौशल अब विश्व स्तर पर चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अंकतालिका में शीर्ष पर पहुंचे प्रग्गानंधा
इस शानदार जीत के बाद प्रग्गानंधा वाइट ग्रुप में 4.5 अंकों के साथ संयुक्त शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं। आठ खिलाड़ियों के इस समूह में वे अब टूर्नामेंट के मजबूत दावेदारों में से एक बन चुके हैं। उनकी निरंतरता और रणनीतिक सूझबूझ ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से एक कदम आगे रखा है। यह जीत न केवल उनकी प्रतिभा को साबित करती है बल्कि भारत के शतरंज प्रेमियों के लिए गर्व का क्षण भी है।
ड्रा से की थी टूर्नामेंट की शुरुआत
टूर्नामेंट की शुरुआत में प्रग्गानंधा ने उज्बेकिस्तान के नोडिरबेक अब्दुसत्तारोव के खिलाफ ड्रा खेला था। इसके बाद उन्होंने दूसरे राउंड में असाउबाएवा को हराया और तीसरे राउंड में काले मोहरों से खेलते हुए कीमर को मात दी। चौथे राउंड में कार्लसन को हराकर उन्होंने अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया। उनकी हर जीत में नयापन और आत्मविश्वास साफ झलक रहा है।
फ्रीस्टाइल पसंद है प्रग्गानंधा को
मैच के बाद अपने बयान में प्रग्गानंधा ने कहा कि उन्हें क्लासिकल शतरंज की तुलना में फ्रीस्टाइल शतरंज ज्यादा पसंद है। इस शैली में उन्हें रचनात्मकता और रणनीति को ज्यादा खुलकर दिखाने का मौका मिलता है। उनकी यह सोच और शैली ही उन्हें इस टूर्नामेंट में आगे ले जा रही है। अब सभी की नजरें इस युवा सितारे पर हैं जो भारत के लिए एक नया इतिहास रच सकते हैं।







