MP News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट और भी स्मार्ट और सुविधाजनक बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने ‘यूनिफॉर्म मोबिलिटी कार्ड’ लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस कार्ड से लोग मेट्रो, बस, कैब और ई-रिक्शा जैसे अलग-अलग साधनों में सफर कर सकेंगे। यानी अब हर वाहन के लिए अलग-अलग टिकट या भुगतान की झंझट नहीं रहेगी। शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि इस योजना पर तेजी से काम हो रहा है और शुरुआत मेट्रो और बस से होगी।
मेट्रो और बस से शुरू होगी कार्ड सेवा
संकेत भोंडवे के अनुसार पहले चरण में यह कार्ड केवल मेट्रो और बस सेवा के लिए लागू होगा। बाद में इसे कैब और ई-रिक्शा सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा ताकि एक कार्ड से ही पूरे शहर में कहीं भी यात्रा की जा सके। इस तकनीक और भुगतान प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए मुंबई स्थित नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से बातचीत चल रही है। यह कार्ड डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा देगा और यात्रियों को बार-बार नकद लेन-देन करने से मुक्ति मिलेगी।

शहरी निकायों को मिल सकता है 50 हजार करोड़ का ऋण
राज्य सरकार की योजना सिर्फ पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक सीमित नहीं है। भोंडवे ने जानकारी दी कि हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) मध्य प्रदेश सरकार को शहरी विकास योजनाओं के लिए लगभग 50,000 करोड़ रुपये का ऋण देने पर विचार कर रहा है। इस धनराशि से राज्य के विभिन्न नगर निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और शहरों में विकास की रफ्तार और तेज होगी। इंदौर जैसे शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नई योजनाएं शुरू करने में यह फंड काफी मददगार साबित हो सकता है।
‘मध्य प्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव’ में होगा भविष्य का रोडमैप तय
इन तमाम योजनाओं के बीच शुक्रवार को इंदौर में ‘मध्य प्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव’ आयोजित होने जा रहा है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस सम्मेलन में शहरी विकास, होटल इंडस्ट्री, पर्यटन, रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में 1500 से ज्यादा निवेशक, उद्योगपति और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसका मकसद है निवेशकों को प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना और स्मार्ट शहरों की दिशा में ठोस कदम बढ़ाना।







