मध्यप्रदेश में इस बार मानसून की बारिश ने कहर मचा दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल गिर गई। यह वही एयरपोर्ट है जिसे करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन 21 अक्टूबर 2024 को वर्चुअली किया था। इस एयरपोर्ट को आने वाले 50 सालों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था लेकिन महज़ 9 महीने में इसकी दीवार ढह गई।
प्रशासन की सख़्ती और कार्रवाई की तैयारी
घटना के बाद रीवा प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और हालात का जायजा लिया। बाउंड्री वॉल के मलबे को जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया। प्रशासन की ओर से अब एयरपोर्ट निर्माण करने वाली कंपनी को नोटिस जारी करने की तैयारी है। रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जानकारी दी कि यह दीवार पार्किंग क्षेत्र की थी और भारी बारिश की वजह से गिर गई। जल्द ही निर्माण एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा ताकि जवाबदेही तय हो सके।
कांग्रेस का हमला और भ्रष्टाचार पर निशाना
एयरपोर्ट की दीवार गिरने की घटना पर कांग्रेस ने सरकार को घेरने में देर नहीं की। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “रीवा का विकास पहली ही बारिश में बह गया।” विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में निर्माण कार्यों में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है और रीवा एयरपोर्ट इसका ताज़ा उदाहरण है। कांग्रेस का कहना है कि जब इतनी बड़ी राशि खर्च करके कोई प्रोजेक्ट बनाया जाता है तो उसकी क्वालिटी की जिम्मेदारी सरकार और निर्माण एजेंसी की बनती है।
प्रदेश का छठवां एयरपोर्ट बना रीवा
रीवा एयरपोर्ट मध्यप्रदेश का छठवां एयरपोर्ट है। इससे पहले भोपाल, जबलपुर, इंदौर, खजुराहो और ग्वालियर में एयरपोर्ट बन चुके हैं। रीवा एयरपोर्ट को 323 एकड़ भूमि पर पांच गांवों की ज़मीन लेकर तैयार किया गया था। इसकी नींव 15 फरवरी 2023 को रखी गई थी और रिकॉर्ड समय में एक साल छह महीने में इसका निर्माण पूरा हुआ। लेकिन पहली ही बरसात ने इस एयरपोर्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिससे आम जनता और राजनीतिक दलों में नाराजगी है।







