MP News: लाल और सफेद चंदन की तस्करी का मुख्य केंद्र आमतौर पर दक्षिण भारत का आंध्र प्रदेश होता है, लेकिन अब यह तस्करी मध्य प्रदेश के मंदसौर तक पहुँच गई है। पिपलियामंडी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 22 टन (2260 किलोग्राम) लाल चंदन की लकड़ी जब्त की है। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, हालाँकि मास्टरमाइंड अभी भी फरार है।
लाल चंदन की तस्करी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार
फिल्म पुष्पा से प्रेरित होकर, पुलिस ने लाल चंदन की तस्करी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 4.5 करोड़ रुपये मूल्य की 2260 किलोग्राम लाल चंदन की लकड़ी जब्त की है।
गुरुवार को मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद ने बताया कि लाल चंदन की खेती मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों में होती है। संदेह है कि आरोपी वहीं से लाल चंदन लाए थे, और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि 16 जुलाई को पिपलियामंडी पुलिस ने चेकिंग के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 44 एबी 7371 से लाल चंदन जब्त किया था। उस समय दलपतपुरा थाना अंतर्गत जीरन नीमच निवासी आरोपी जतिंद्र पिता बिष्णुलाल राठौर (34) और अजय पिता श्यामलाल (19) को चंदन की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया था।
जप्त लाल चंदन की कीमत करीब साढ़े चार करोड़ रुपए
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ट्रैक्टर-ट्रॉली से 2260 किलो लाल चंदन जब्त किया, जिसकी कीमत करीब साढ़े चार करोड़ रुपए बताई जा रही है। मामले में फरार एक अन्य आरोपी राजेंद्र उर्फ सलीम भाई पिता शालिग्राम पाटीदार निवासी गोगरपुरा की aa तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2), 317(5) बीएनएस और धारा 21, 22 मप्र के तहत प्रकरण दर्ज किया है। वनोपज अधिनियम 2000 की धारा 26, 33, 42 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26, 33, 42 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।







