शहडोल में बड़ा हादसा टला: ट्रक चालक की सूझबूझ से 50 से अधिक कांवड़ यात्री बाल-बाल बचे

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Shahdol News: मध्य प्रदेश के शहडोल में एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से तीर्थयात्रियों को लेकर मैहर जा रही एक बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। बस में 50 से ज़्यादा महिलाएँ और बच्चे सवार थे। बस अनियंत्रित होकर घाटी की ओर तेज़ी से जा रही थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक चालक ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए अपना ट्रक आगे रोक दिया, जिससे बस ट्रक से टकराकर वहीं रुक गई। अगर समय रहते ट्रक आगे नहीं आता, तो बस सीधे खाई में गिर सकती थी।

ट्रक से टकराने के बाद बस को रोका गया

यह पूरी घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र के पटखाई घाट पर हुई। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर से बस में 50 से ज़्यादा महिलाएँ, पुरुष और बच्चे सवार थे, जो मैहर देवी के दर्शन करने के लिए मध्य प्रदेश जा रहे थे। जैसे ही बस पटखाई घाट पहुँची, वह अनियंत्रित हो गई और तेज़ रफ़्तार से घाटी की ओर लुढ़कने लगी।

इसी बीच, सामने से रीवा से छत्तीसगढ़ जा रहा एक ट्रक आ रहा था। स्थिति की नज़ाकत को भाँपते हुए, ट्रक चालक ने बस के आगे अपना ट्रक रोक दिया, जिससे ब्रेक फेल होने से बस टकराकर खाई में गिरने से बच गई। हालाँकि दुर्घटना में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित रहे।

समाजसेवियों ने की मदद

दुर्घटना की सूचना मिलते ही सिंहपुर थाना प्रभारी मुन्ना लाल राहंगडाले अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे और सभी यात्रियों को सुरक्षित थाने पहुँचाया। भोजन-पानी की उचित व्यवस्था की गई और बस की मरम्मत के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए वापस भेज दिया गया।

इस दौरान स्थानीय समाजसेवी शिव नारायण द्विवेदी ने सक्रिय सहयोग किया। उन्होंने यात्रियों की देखभाल में अहम भूमिका निभाई और प्रशासन का सहयोग कर स्थिति को सामान्य बनाने में मदद की।

ट्रक चालक की बहादुरी की चर्चा हो रही

ट्रक चालक की सतर्कता और समाज की एकता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने इस घटना को ईश्वर की कृपा और मानवीय साहस का संगम बताते हुए ट्रक चालक और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

ट्रक चालक द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर दर्जनों लोगों की जान बचाने वाली इस घटना की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर ट्रक न होता तो बस सीधे गहरी खाई में गिर सकती थी।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
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