सिंधिया-दिग्विजय सिंह के मंच साझा करने पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़, राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज

By: MPLive Team

On: Friday, August 8, 2025 4:57 PM

सिंधिया-दिग्विजय सिंह के मंच साझा करने पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़, राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
Google News
Follow Us
---Advertisement---

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वायरल वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह एक साथ मंच साझा करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो इसलिए चर्चा में है क्योंकि दोनों नेताओं को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। लेकिन इस वीडियो में जो दृश्य सामने आया, वह न केवल राजनीतिक शिष्टाचार की मिसाल बना, बल्कि मध्यप्रदेश की राजनीति में सौहार्द्र और संस्कारों की झलक भी दिखी।

विचारधारा अलग, लेकिन सम्मान में नहीं आई कोई कमी

यह वीडियो भोपाल के एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम का है, जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर बैठे थे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी सामने दर्शक दीर्घा में बैठे हुए थे। जैसे ही सिंधिया की नजर उन पर पड़ी, वे मंच से नीचे उतरे, दिग्विजय सिंह और उनकी पत्नी को नमस्कार किया और हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर ले आए। इस दौरान सिंधिया ने दिग्विजय से कहा, “माफ कीजिए, मैं आपको देख नहीं पाया था।” इस भावनात्मक क्षण ने दोनों नेताओं के बीच के वैचारिक मतभेदों को मानवता और संस्कारों के सामने छोटा बना दिया।

संस्कारों और मध्यप्रदेश की राजनीतिक संस्कृति की झलक

इस वीडियो को बीजेपी नेता सुरेंद्र शर्मा शिवपुरी ने भी इंस्टाग्राम पर साझा किया और लिखा, “भले ही वो हमारे आलोचक हों, वैचारिक विरोधी हों, लेकिन उम्र में बड़े हैं और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं, इसलिए उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। आज फिर से सिंधिया परिवार के संस्कार और मध्यप्रदेश की राजनीति की खूबसूरती देखने को मिली।” सोशल मीडिया पर इस भावुक क्षण को लेकर लोगों की भारी सराहना हो रही है, और कई यूज़र्स इसे “राजनीति में गरिमा” का उदाहरण बता रहे हैं।

वीडियो पर जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होते ही, जनता और राजनीतिक विश्लेषकों से इस पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे भारत की लोकतांत्रिक राजनीति का उज्ज्वल पक्ष मान रहे हैं, जहां वैचारिक भिन्नताओं के बावजूद व्यक्तिगत संबंधों और सम्मान को अहमियत दी जाती है। यह क्षण यह भी दर्शाता है कि राजनीति केवल सत्ता और विपक्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कार, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से भी जुड़ी होती है। यह दृश्य शायद आने वाले समय में नेताओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन जाए।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

January 21, 2026

January 5, 2026

December 17, 2025

December 17, 2025

December 15, 2025

December 13, 2025

Leave a Comment