10 अगस्त का दिन मध्य प्रदेश के लिए खास रहा, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन के उमरिया गाँव में रक्षा मंत्रालय की कंपनी भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के रेल हब ‘ब्रह्मा’ निर्माण इकाई का शिलान्यास किया। इस परियोजना की लागत 1800 करोड़ रुपये है, जो हजारों लोगों को रोजगार प्रदान करेगी और राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। इस यूनिट के बनने से कई छोटे उद्योग भी स्थापित होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह रोजगार का गंगोत्री है, जो राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। इस फैक्ट्री का कनेक्शन हाईवे, रेलवे और एयरवे से सीधे जुड़ा होगा, जिससे उत्पादन और परिवहन में गति आएगी।
रक्षा और औद्योगिक विकास में मध्य प्रदेश का महत्व
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है और राज्य की आतिथ्य भावना बेजोड़ है। उन्होंने कहा कि BEML का यह ग्रीन फिल्म मेट्रो कोच प्रोजेक्ट राज्य की आर्थिक प्रगति को तेज करेगा। राज्य में रक्षा क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं, खासकर जब जाबलपुर में रक्षा इकाइयां अच्छा कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत अब विश्व की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। रक्षा निर्यात में जबरदस्त वृद्धि हुई है और अब भारत कई देशों को अपनी रक्षा सामग्री निर्यात करता है। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, जो देश की सुरक्षा में मजबूती लाता है।

रेलवे क्षेत्र में नया युग और रोजगार के अवसर
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो संदेश में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में रेलवे ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पिछले 11 वर्षों में हजारों किलोमीटर ट्रैक बिछाए गए, नए ट्रेनों की शुरुआत हुई और हल्के वजन वाले 40 हजार से अधिक कोच बनाए गए। उमरिया की यह नई फैक्ट्री इस श्रृंखला में एक नया मोती साबित होगी। यहां आधुनिक तकनीक से रेलवे कोच बनाए जाएंगे, जो देश की परिवहन क्षमता को बढ़ाएंगे। इस परियोजना से 5000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और यह स्वदेशी के पीएम के संकल्प ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का प्रतीक बनेगी।
भविष्य की संभावनाएं और सामाजिक बदलाव
BEML के अध्यक्ष शंतनु राय ने बताया कि कंपनी 61 वर्षों से देश के रेल, खनन और रक्षा क्षेत्रों में काम कर रही है। उमरिया में यह कंपनी की दूसरी कोच निर्माण इकाई होगी। यहां अत्याधुनिक तकनीक से हल्के एल्यूमीनियम कोच बनाए जाएंगे, जिनमें सुरक्षा और पर्यावरण का खास ध्यान रखा जाएगा। भविष्य में यहां रक्षा उत्पादों का निर्माण भी होगा, जिससे स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक और आर्थिक बदलाव आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस परियोजना के लिए भूमि आवंटन में तेजी दिखाने के लिए धन्यवाद दिया गया। इस पहल से मध्य प्रदेश औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करेगा।







