MP News: एशिया के सबसे बड़े ग्रेड सेपरेटर रेलवे ब्रिज का परीक्षण ट्रेन चलाकर किया गया। ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। यह परीक्षण कटंगी से मझगवां तक 34 किलोमीटर तक किया गया। यह ग्रेड सेपरेटर ट्रेनों की देरी और दूरी को कम करने के लिए बनाया गया है।
ट्रायल की मुख्य बातें
- 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ी।
- कटंगी से मझगवां तक 34 किलोमीटर तक ट्रायल किया गया।
- ग्रेड सेपरेटर में अप साइड में 16 किलोमीटर और डाउन साइड में 18 किलोमीटर का ट्रैक बना है।
निर्माण कार्य
ग्रेड सेपरेटर की कुल लंबाई 33.40 किलोमीटर है। यह ग्रेड सेपरेटर 676 पिलर्स पर बना है। इसकी लागत 1248 करोड़ रुपये है। ग्रेड सेपरेटर में ऊपर की तरफ 16 किलोमीटर और नीचे की तरफ 18 किलोमीटर ट्रैक है। 8 रेल ओवर रेल (आरओआर), 6 मुख्य ब्रिज के निर्माण के अलावा एलिवेटेड डेक पॉइंट और क्रॉसिंग का काम भी किया जा रहा है।
कटनी ग्रेड सेपरेटर के निर्माण में तेजी लाने के साथ ही ऊपर की तरफ 1570 फाउंडेशन और 264 पियर और नीचे की तरफ 2592 फाउंडेशन और 425 पियर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री, तकनीक और भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है। यह भारत का सबसे लंबा रेलवे वायडक्ट कटनी ग्रेड सेपरेटर होगा।







