Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में 15 करोड़ रुपये की लूट के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस ने मुख्य सरगना को दमोह से गिरफ्तार कर लिया है। लूट का मुख्य सरगना समेत चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
पूछताछ में बड़ी जानकारी मिली है। आरोपियों ने राजगढ़ में भी बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। राजगढ़ डकैती मामले में सभी आरोपी जेल गए थे। जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने जबलपुर में लूट की योजना बनाई थी।
जबलपुर स्थित ESAF Small Finance Bank में 15 करोड़ रुपये की लूट हुई थी। इस घटना में पुलिस ने मास्टरमाइंड रईस समेत चार आरोपियों को दमोह से गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना के दूसरे दिन दमोह भाग गए थे। रईस ने तीनों आरोपियों को दमोह से झारखंड जाने वाली ट्रेन में बैठा दी थी। तीनो आरोपी लूट का सोना अपने साथ झारखंड ले गए।
राजगढ़ में एक बड़ी वारदात को अंजाम
आरोपी रईस और उसके साथियों को ढाई-ढाई लाख रुपये मिले थे। रईस द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने 1 लाख 83 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपियों के पास से 2 बाइक, 4 मोबाइल, 1 पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। पता चला है कि आरोपियों ने पहले भी राजगढ़ में एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था।
रईस की मुलाकात अन्य आरोपियों से राजगढ़ जेल में हुई थी। सभी आरोपी राजगढ़ डकैती के मामले में जेल में बंद थे। जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने डकैती की योजना बनाई और जबलपुर में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पाटन और इंद्राना में रुके थे।
ये है पूरी घटना
गौरतलब है कि जबलपुर के खितौला मोड़ के पास स्थित ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में दिनदहाड़े डकैती की वारदात हुई। बैंक खुलते ही पांच हथियारबंद नकाबपोश बदमाश बैंक में घुस गए। उन्होंने फाइनेंस बैंक के कर्मचारियों को बंधक बनाकर 15 किलो सोना और 5 लाख 70 हजार रुपये नकद लूट लिए और फरार हो गए।
इसके बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई। वहीं, लुटेरों की तलाश के लिए 30 टीमें बनाई गईं। सीसीटीवी में एक आरोपी का चेहरा दिखाई दिया। पुलिस टीमों ने अन्य जिलों में भी छापेमारी की। इस दौरान पचास से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई है।







