सिंगरौली में यूरिया खाद की भारी किल्लत, एक बोरी खाद के लिए मची अफरा – तफरी

Google News
Follow Us
---Advertisement---

MP News: ये मध्य प्रदेश है साहब! यहाँ हर काम निराला है। इस बार भी राज्य में कई जगह ऐसा काम हो रहा है कि दूसरे राज्यों के लोग भी यहाँ का काम देखकर कहेंगे – वाह सरकार, क्या कमाल किया है। किसानों की मेहनत और पसीने से पेट भरता है, कोई भी राज्य, जिसका देश के आर्थिक विकास में अहम योगदान है। वो सुबह से शाम तक लंबी कतारों में खड़े होकर खाद की एक बोरी का इंतज़ार करते हैं। लेकिन बदले में उन्हें खाद की जगह खाली हाथ घर लौटना पड़ता है, क्या यही सरकार का सुशासन है?

एक बोरी खाद के लिए जिले में अफरा-तफरी मची

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से ऐसी तस्वीर सामने आई है जहां एक बोरी खाद के लिए जिले में अफरा-तफरी मची हुई है। किसान परेशान हैं, सुबह से शाम तक लंबी कतारों में खड़े होकर खाद के लिए मारामारी कर रहे हैं। खाद न मिलने से किसान नाराज होकर कलेक्टर के पास जाते हैं लेकिन वहां से भी उन्हें खाली हाथ वापस जाना पड़ता है।

सिंगरौली में यूरिया खाद की भारी किल्लत

आपको बता दें कि सिंगरौली जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि हजारों किसान सहकारी समिति के गोदामों में लंबी कतारों में खड़े होकर खाद के लिए मारामारी कर रहे हैं और अंत में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है क्योंकि जिले में यूरिया खाद का स्टॉक खत्म हो गया है।

प्रशासन का दावा जिले में 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया वितरित

हालांकि जिला प्रशासन ने दावा किया है कि जल्द ही जिले में यूरिया का नया स्टॉक पहुंच जाएगा और किसानों को खाद उपलब्ध हो जाएगी। जिले के सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त पीके मिश्रा ने बताया कि जिले में 9 हजार मीट्रिक टन यूरिया वितरित किया जा चुका है। खाद की अतिरिक्त मांग पैदा हो गई है। जल्द ही नया स्टॉक जिले में पहुँच जाएगा और किसानों को आसानी से खाद मिल सकेगी।

वहीं, खैराही गाँव के किसान अंजनी पांडेय ने बताया कि जिले में खाद की कमी है। जिससे फसलें सूख रही हैं। अगर समय पर खाद नहीं मिली तो किसानों को भारी नुकसान होगा और फसलें बर्बाद हो जाएँगी।

देवेन्द्र पाण्डेय "संपादक"

ऋषि श्रृंगी मुनि की तपोभूमि सिंगरौली की पावन धरा से निकला. पठन-पाठन से प्यार था लिहाजा पत्रकारिता से बेहतर पेशा कोई और लगा नहीं. अखबार से शुरु हुआ सफर टीवी और डिजिटल मीडिया के माध्यम में जारी है. इस दौरान करीब 14 साल गुजर गए पता ही नहीं चला. Read More
For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

यूजर्स नाराज, OpenAI का ChatGPT Plus मुफ्त ऑफर विवाद के बीच आया सामने

March 5, 2026

मिडिल ईस्ट तनाव में फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत ने जारी की एडवाइजरी

March 2, 2026

February 24, 2026

January 21, 2026

January 5, 2026

December 17, 2025

Leave a Comment