मध्यप्रदेश के ग्वालियर ज़िले में अंतरजातीय विवाह को लेकर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हरसी गांव के रहने वाले 25 वर्षीय दलित युवक ओमप्रकाश बाथम की उसकी पत्नी के परिवारवालों ने बेरहमी से हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, युवक की मौत रविवार (24 अगस्त) को हुई, जबकि उस पर हमला 19 अगस्त को किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस हमले के पीछे मुख्य रूप से पत्नी का परिवार शामिल है, जो शादी से शुरू से ही नाराज़ था।
शादी के बाद गांव छोड़ने को मजबूर हुआ था दंपति
दरअसल, ओमप्रकाश बाथम ने इस साल जनवरी में शिवानी झा से शादी की थी, जो उच्च जाति से ताल्लुक रखती हैं। इस विवाह के बाद दोनों को परिवार और समाज के विरोध का सामना करना पड़ा। शादी के तुरंत बाद ही दोनों ने गांव छोड़ दिया और दबाव में आकर डबरा शहर में रहने लगे। हालांकि कुछ दिनों पहले यह दंपति गांव वापस लौटा। इसी दौरान 19 अगस्त को ओमप्रकाश जब अपने माता-पिता से मिलने आया, तभी उस पर हमला कर दिया गया।

पंचायत ने लगाया था जुर्माना और दिया था बहिष्कार का आदेश
मामले की जांच कर रही पुलिस के अनुसार, शादी के बाद हरसी पंचायत ने ओमप्रकाश पर ₹51,000 का जुर्माना लगाया था और परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान सुनाया था। यह स्पष्ट नहीं है कि जुर्माना भरा गया था या नहीं, लेकिन सामाजिक दबाव इतना अधिक था कि दंपति को गांव से दूर रहना पड़ा। गांव लौटने पर, शिवानी के परिजनों ने ओमप्रकाश को निशाना बनाया और गंभीर रूप से घायल कर दिया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुख्य आरोपी फरार, पुलिस ने दर्ज किया हत्या का केस
पुलिस के अनुसार, हमले का नेतृत्व शिवानी के पिता द्वारका झा ने किया था, जो घटना के बाद से फरार हैं। इस मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करते हुए कुल 12 लोगों को नामजद किया है, जिनमें शिवानी के रिश्तेदार भी शामिल हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी समेत सभी संदिग्ध फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। यह घटना एक बार फिर समाज में मौजूद जातिगत असहिष्णुता और अंतरजातीय विवाह को लेकर गहराई से बैठी भेदभावपूर्ण मानसिकता को उजागर करती है। पंचायत द्वारा लगाया गया जुर्माना और बहिष्कार का आदेश इस सोच की गंभीरता को और स्पष्ट करता है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।







