CM हाउस में OBC आरक्षण पर महाबैठक, कांग्रेस से लेकर आप-बसपा तक नेताओं की हुई मौजूदगी

By: MPLive Team

On: Thursday, August 28, 2025 5:39 PM

CM हाउस में OBC आरक्षण पर महाबैठक, कांग्रेस से लेकर आप-बसपा तक नेताओं की हुई मौजूदगी
Google News
Follow Us
---Advertisement---

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री निवास में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की। इस बैठक में कांग्रेस की ओर से पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा, जिसमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी, पूर्व पीसीसी प्रमुख अरुण यादव, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और कानूनी विशेषज्ञ वरुण ठाकुर शामिल थे। वहीं, आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल, बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष रामकांत पिम्पले, सपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव, ओबीसी आयोग अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमारिया, मंत्री कृष्णा गौड़, नारायण सिंह कुशवाहा और अन्य नेता भी उपस्थित रहे। सभी दलों के नेताओं ने मिलकर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

बैठक के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज सभी दलों के प्रतिनिधियों ने 27% ओबीसी आरक्षण पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सरकार और सभी दल पहले से ही ओबीसी आरक्षण के पक्ष में हैं। यह मामला 24 सितंबर से रोजाना सुनवाई के लिए अदालत में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग पक्ष रखने की बजाय सभी वकील एक साथ मिलकर रणनीति तैयार करें। इसके लिए 10 सितंबर से पहले सभी अधिवक्ताओं को आपस में चर्चा कर एक राय बनानी होगी, ताकि राज्य के ओबीसी वर्ग को पूरा 27% आरक्षण दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ओबीसी वर्ग के युवाओं को नौकरियों में न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

कांग्रेस का दावा और विपक्ष की प्रतिक्रिया

बैठक में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की जीत है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पहले से ही 27% ओबीसी आरक्षण की मांग कर रही थी और कांग्रेस सरकार ने इस पर फैसला भी लिया था। उन्होंने कहा, “हमने सरकार पर दबाव बनाया, देर से सही लेकिन यह कदम उठाया गया।” वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह पहल कांग्रेस की ओर से ही की गई थी। बैठक में कानूनी अड़चनों पर चर्चा हुई और इस निष्कर्ष पर पहुँचा गया कि कानून को लागू किया जाए और उन लोगों पर कार्रवाई की जाए, जिन्होंने पिछले छह वर्षों तक इसे रोके रखा। उन्होंने कहा कि सभी दलों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहमति बनाना स्वागत योग्य कदम है।

वकीलों की नाराज़गी और कानूनी पहलू

ओबीसी आरक्षण से जुड़े इस पूरे मामले में अदालत में लड़ाई लड़ रहे वकीलों का कहना है कि कानून के रास्ते में कोई बाधा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी सवाल उठाया था कि राज्य सरकार ने इतने वर्षों तक इसमें देरी क्यों की। वकीलों ने बताया कि कुछ कानूनी संदर्भ स्वयं सॉलिसिटर जनरल की ओर से दिए जा रहे हैं, जो उचित नहीं हैं। इस पर वकीलों ने नाराज़गी जताई और कहा कि यह ओबीसी वर्ग के अधिकारों के साथ अन्याय है। उनका मानना है कि यदि सभी पक्ष एकजुट होकर अदालत में मजबूत तरीके से पक्ष रखते हैं, तो ओबीसी वर्ग को पूरा 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाना संभव है। इस सर्वदलीय बैठक ने ओबीसी आरक्षण की लड़ाई को एक नई दिशा देने का काम किया है।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

January 21, 2026

January 5, 2026

December 17, 2025

December 17, 2025

December 15, 2025

December 13, 2025

Leave a Comment