मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि केजरीवाल कलंकित हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नष्ट करने का काम किया है। मोहन यादव ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री जैसे पवित्र पद को जेल में रहते हुए भी संभाले रखा, जबकि यह पद इतना सम्मानित है कि डीजी से लेकर पूरा राज्य उसे सलाम करता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और नैतिकता का अपमान बताया।
“जेल जाने के बाद भी सीएम पद पर बने रहना शर्मनाक”
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने कर्मों के कारण जेल जाता है और फिर यह कहता है कि कानून में कहां लिखा है कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, तो यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद अत्यंत पवित्र है और उस पर बैठे व्यक्ति से समाज को प्रेरणा मिलनी चाहिए। लेकिन जेल में रहते हुए इस पद को थामे रखना न सिर्फ पद की गरिमा का अपमान है, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

“लालू से लेकर शिबू सोरेन तक किसी ने नहीं दिखाई ऐसी बेशर्मी”
मोहन यादव ने कहा कि जब-जब अतीत में नेताओं को संकट का सामना करना पड़ा, उन्होंने खुद ही पद छोड़ दिया। चाहे वह लालू प्रसाद यादव हों, राबड़ी देवी हों या शिबू सोरेन, किसी ने भी ऐसी बेशर्मी नहीं दिखाई। लेकिन केजरीवाल ने पढ़े-लिखे और समझदार होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री पद को छोड़ना उचित नहीं समझा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि केजरीवाल ने झाड़ू लाकर कहा था कि वह भ्रष्टाचार की सफाई करेंगे, लेकिन आज वही खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में हैं।
“पीएम मोदी ने किया कलंक का अंत”
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ऐसे कलंक से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि क्या हमें ऐसे कलंकित और बेशर्म नेता से छुटकारा नहीं पाना चाहिए? उन्होंने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा कि देश की राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। मोहन यादव के इन बयानों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है और अब इस पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।







