मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक बड़ा बैंक चोरी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, महानंदा नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा से चोर लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य के गहने और 8 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। यह गहने उन ग्राहकों के थे जिन्होंने बैंक से गोल्ड लोन लिया था। घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।
सीसीटीवी में कैद हुए चोर, बैंक कर्मचारियों पर शक
चोरी की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दो संदिग्ध चोरों को बैंक से निकलते हुए देखा गया। आशंका जताई जा रही है कि चोरी में अंदरूनी व्यक्ति की संलिप्तता हो सकती है क्योंकि बैंक का लॉकर तोड़ने के कोई निशान नहीं मिले हैं। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि जब सुबह बैंक के क्लीनर और मैनेजर पहुंचे तो उन्होंने मुख्य दरवाजे और लॉकर के ताले टूटे पाए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

जबलपुर की बैंक डकैती से भी जुड़ा मामला
इस घटना के साथ ही लोगों को हाल ही में हुई जबलपुर की बैंक डकैती की भी याद ताज़ा हो गई। 11 अगस्त को जबलपुर जिले के खितोला इलाके में ‘ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक’ में हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े करीब 15 किलो सोना और 5 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। यह वारदात महज़ 20 मिनट में अंजाम दी गई थी। इस डकैती की साजिश छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जेल से रची गई थी।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने इस डकैती के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार पुलिस के सहयोग से मुख्य आरोपी राजेश दास (38 वर्ष) और उसके साथी इंद्रजीत दास (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को सोमवार को ट्रांजिट रिमांड पर जबलपुर लाया गया। इस तरह इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। उज्जैन और जबलपुर की घटनाओं ने एक बार फिर से सवाल खड़े किए हैं कि राज्य में बैंक सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है और किस तरह संगठित गिरोह लगातार बड़े अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।







