औद्योगिक शहरों को मात देकर इंदौर ने फिर साबित किया, साफ हवा के मामले में कोई नहीं उसका मुकाबला

By: MPLive Team

On: Wednesday, September 10, 2025 6:17 PM

औद्योगिक शहरों को मात देकर इंदौर ने फिर साबित किया, साफ हवा के मामले में कोई नहीं उसका मुकाबला
Google News
Follow Us
---Advertisement---

देशभर के शहरों में स्वच्छ हवा के लिए किए गए प्रयास अब रंग लाते नज़र आ रहे हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार (9 सितंबर) को आयोजित पुरस्कार समारोह में बताया कि इंदौर ने एक बार फिर 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में पहला स्थान हासिल किया है। इंदौर के बाद जबलपुर (मध्यप्रदेश) दूसरे स्थान पर रहा, जबकि आगरा (उत्तरप्रदेश) और सूरत (गुजरात) संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। मंत्री ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इनमें से कई शहर औद्योगिक केंद्र हैं और यहां प्रदूषण नियंत्रण आसान नहीं होता।

अमरावती और देवास को सम्मान

3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में महाराष्ट्र का अमरावती पहले स्थान पर रहा। इसके बाद झांसी और मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) संयुक्त रूप से दूसरे और अलवर (राजस्थान) तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, 3 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहरों में मध्यप्रदेश का देवास सबसे आगे रहा। इसके बाद परवाणू (हिमाचल प्रदेश) और अंगुल (ओडिशा) का नाम शामिल हुआ। खास बात यह है कि अंगुल कोयला खदानों के लिए प्रसिद्ध है, फिर भी इस शहर ने वायु गुणवत्ता के मानकों को बनाए रखा। इस अवसर पर मंत्री ने इंदौर और उदयपुर को अंतरराष्ट्रीय ‘वेटलैंड सिटी’ का दर्जा मिलने पर भी सम्मानित किया।

औद्योगिक शहरों को मात देकर इंदौर ने फिर साबित किया, साफ हवा के मामले में कोई नहीं उसका मुकाबला

झीलों और वेटलैंड का महत्व

भूपेंद्र यादव ने झीलों और वेटलैंड के महत्व को समझाते हुए कहा कि “यदि जंगल हमारी फेफड़े हैं, तो झीलें हमारी किडनी का काम करती हैं।” उन्होंने अपील की कि शहर इंदौर से सीख लें और स्वच्छ हवा के लिए ठोस कदम उठाएं। मंत्री ने कहा कि खराब हवा सीधे लोगों के फेफड़ों में जाती है, इसलिए केवल सरकार या एजेंसियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। हर नागरिक को रिसाइक्लिंग, रीयूज़ और सर्कुलर इकॉनमी अपनानी होगी।

हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य और NCAP

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आने वाले दिनों में देशभर में हरियाली बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जाएगा। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच 75 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पर्यावरण सचिव तनमय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत शामिल 130 शहरों में से 64 शहरों ने 2017-18 की तुलना में 20% या अधिक PM10 स्तर में कमी हासिल की है। वहीं, 25 शहरों ने 40% से अधिक कमी दर्ज की है।
दरअसल, 2019 में शुरू हुआ NCAP देश का पहला बड़ा अभियान है, जिसमें सीधे वायु प्रदूषण कम करने के लक्ष्य तय किए गए। इसका मकसद 2026 तक कण प्रदूषण (Particulate Pollution) में 40% तक की कमी लाना है।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

January 21, 2026

January 5, 2026

December 17, 2025

December 17, 2025

December 15, 2025

December 13, 2025

Leave a Comment