मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के बिकर गांव में मंगलवार (9 सितंबर) की शाम एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। गांव की कुछ महिलाओं ने एक लाइसेंस प्राप्त शराब दुकान पर धावा बोल दिया। उन्होंने वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालकर आग के हवाले कर दिया और इसके बाद पूरे दुकान में आग लगा दी। देखते ही देखते पूरा शराब दुकान धू-धू कर जल उठा। महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से इस शराब दुकान से परेशान थीं और गांव में इससे कई सामाजिक समस्याएं पैदा हो रही थीं।
शराब दुकान से नाराज थीं महिलाएं
स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब की वजह से गांव में बच्चों और युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा था। नशे की लत से परिवारों में तनाव बढ़ रहा था और सामाजिक माहौल बिगड़ता जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से इस शराब दुकान को बंद करने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूर होकर महिलाओं ने खुद आगे आकर शराब दुकान को नष्ट करने का फैसला लिया। इस घटना के बाद गांव में महिलाओं की हिम्मत और सामूहिक विरोध की चर्चा हर ओर होने लगी।

पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही नरसिंहपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत स्थिति पर काबू पाया और आग पर नियंत्रण किया। शराब दुकान के मालिक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एएसपी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण प्रशासन और पुलिस से निराश होकर अब खुद ही कदम उठाने लगे हैं।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
गांव के लोगों का कहना है कि बिकर में शराब दुकान लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई थी। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके चलते ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में गहरा असंतोष था। लोगों का कहना है कि शराब से गांव में घरेलू कलह बढ़ रही है और युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है। इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि अगर उनकी शिकायतों पर पहले ही ध्यान दिया गया होता तो यह घटना नहीं घटती। अब यह देखना होगा कि प्रशासन आगे किस तरह से इस मुद्दे को सुलझाता है और गांव के लोगों का विश्वास फिर से जीत पाता है या नहीं।







