मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास स्थित गौशाला में रविवार (14 सितंबर) को एक विशेष और सुखद क्षण देखने को मिला, जब एक गाय ने प्यारी बछिया को जन्म दिया। इस अवसर को मुख्यमंत्री ने पूरे परिवार और गौशाला के लिए शुभ और आनंद का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि जैसे हर परिवार में संतान का जन्म खुशी और समृद्धि लेकर आता है, वैसे ही यह बछिया भी निवास में सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बनकर आई है।
महालक्ष्मी व्रत पर जन्म से बढ़ी शुभता
संयोग ऐसा रहा कि यह बछिया महालक्ष्मी व्रत पूजन के दिन ही जन्मी। मुख्यमंत्री ने इसे शुभ संकेत मानते हुए उसका स्वागत किया और कहा कि जिस प्रकार घर में बेटी का जन्म सौभाग्य का प्रतीक होता है, वैसे ही यह बछिया भी समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने स्वयं इस नवजात का नामकरण किया और उसका नाम ‘कमला’ रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कमला’ केवल एक बछिया नहीं, बल्कि हमारी गौसेवा और संरक्षण प्रयासों का जीवंत प्रतीक है।

गौसेवा और संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री रविवार सुबह हमेशा की तरह गौशाला पहुंचे और वहां मौजूद सभी गायों को रोटी खिलाई। इस दौरान उन्होंने नवजात ‘कमला’ का तिलक कर उसे परिवार की बेटी की तरह स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने ‘कमला’ को अपनी गोद में उठाकर दुलार किया। इस मौके पर निवास परिसर में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी ने इस खुशी को मिठाई बांटकर साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार न केवल उनके निवास की गौशाला बल्कि पूरे राज्य में गौसेवा और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है।
कर्मचारियों ने भी साझा की खुशी
मुख्यमंत्री निवास में कार्यरत कर्मचारियों ने भी ‘कमला’ के जन्म पर प्रसन्नता जताई। उनका कहना था कि जैसे किसी परिवार में नया मेहमान आता है, उसी प्रकार ‘कमला’ के आगमन ने पूरे निवास में खुशियां बिखेर दी हैं। सभी ने माना कि यह केवल गौशाला का नहीं, बल्कि पूरे मुख्यमंत्री निवास परिवार का शुभ अवसर है। मुख्यमंत्री की इस पहल और भावनात्मक जुड़ाव ने गौसेवा के महत्व को और गहरा किया है।







