Singrauli News: मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में मजदूरी कर गुजारा कर रही प्रेमवती भुजवा को बेटे के इलाज का करीब 30 हजार बिल आया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके लिए इतना भारी-भरकम बिल चुकाना असंभव था। किसी ने उसे सिंगरौली कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला से मिलने की सलाह दी और उस सलाह ने उसके सिर का पूरा बोझ उतार दिया। कलेक्टर की पहल पर निजी अस्पताल ने 30 हजार का बिल सिर्फ 10 हजार रुपये कर दिया और इसमें भी दस हजार रुपये की मदद कलेक्टर ने की।
जानिए पूरा मामला
दरअसल मामला दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने तक सीमित नहीं था। इस मामले में कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला ने संवेदनशीलता दिखाते हुये इलाज के बिल की राशि भी अस्पताल प्रबंधन से माफ भी करवाई है। सिंगरौली निवासी प्रेमवती भुजवा के पुत्र शिवम को सड़क दुर्घटना में घायल होने पर इलाज के लिये जिले के बैढ़न स्थित सुधा वंदना हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
शिवम के स्वस्थ होने के बाद इलाज का बिल की राशि प्रेमवती को थमाई गई। महिला पति मुन्ना भुजवा के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती है। प्रेमवती की खराब आर्थिक स्थिति की वजह से अस्पताल की भारी भरकम राशि देने में असमर्थ थी। इसके चलते प्रेमवती ने कलेक्टर चन्द्र शेखर से परिवार की हैसियत का हवाला देकर मदद की गुहार लगाई।
कलेक्टर ने 10 हजार की सहायता राशि को सौंपा
कलेक्टर ने फौरन निजी अस्पताल प्रबंधन से चर्चा कर राहत दिलाने के निर्देश दिये। 10 हजार की सहायता राशि का चेक प्रेमवती के बेटे शिवम को सौंपा। प्रेमवती ने अस्पताल का बिल माफ कराने और आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिये कलेक्टर शुक्ला का दिल से आभार जताते हुये संवेदनशीलता की तारीफ भी की है।







