Coldrif Syrup से मौत का मामला: डॉक्टर Praveen Soni गिरफ्तार, पुलिस ने दवा कंपनी पर दर्ज की FIR

By: MPLive Team

On: Sunday, October 5, 2025 5:28 PM

Coldrif Syrup से मौत का मामला: डॉक्टर Praveen Soni गिरफ्तार, पुलिस ने दवा कंपनी पर दर्ज की FIR
Google News
Follow Us
---Advertisement---

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में खांसी सिरप “कोल्ड्रिफ” से बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष टीम ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण सोनी को कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से गिरफ्तार किया है। वे वही डॉक्टर हैं जिन्होंने संदिग्ध सिरप “कोल्ड्रिफ” बच्चों को लिखी थी। इसके साथ ही तमिलनाडु की श्रीसैन फार्मास्युटिकल कंपनी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है, जिसने यह सिरप तैयार किया था। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि कंपनी और डॉक्टर प्रवीण सोनी दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई परासिया बीएमओ डॉक्टर अंकित सहलाम की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें कहा गया था कि कंपनी द्वारा निर्मित सिरप की गुणवत्ता संदिग्ध थी और इसके सेवन से बच्चों की जान चली गई।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए परासिया थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की कई सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें धारा 279 (दवाओं में मिलावट), धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 27(A) व 26 शामिल हैं। यदि दोष सिद्ध होता है, तो इन धाराओं के तहत 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक विशेषज्ञ टीम गठित की है, जो कोल्ड्रिफ सिरप के नमूनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं प्रशासन ने सभी मेडिकल स्टोर्स को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि किसी भी दुकान पर यह संदिग्ध सिरप पाया गया, तो दुकान का लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Coldrif Syrup से मौत का मामला: डॉक्टर Praveen Soni गिरफ्तार, पुलिस ने दवा कंपनी पर दर्ज की FIR

डॉक्टर प्रवीण सोनी की भूमिका पर सवाल

एफआईआर के अनुसार, सरकारी चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी, जो परासिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पदस्थ हैं, ने 11 में से 9 मृत बच्चों का प्राथमिक उपचार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इन बच्चों को कोल्ड्रिफ सिरप दिया था, जिसके सेवन के बाद अधिकांश बच्चों में किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। उदाहरण के तौर पर, 4 वर्षीय शिवम राठौर को 24 अगस्त को बुखार और खांसी के इलाज के लिए डॉक्टर सोनी ने देखा था, जिसके बाद 4 सितंबर को नागपुर में उसकी मौत हो गई। इसी तरह 3 वर्षीय विद्या नमिता, 4 वर्षीय उसैद, 5 वर्षीय हितांश सोनी, और अन्य कई बच्चों की मौत इलाज के दौरान नागपुर मेडिकल कॉलेज में हुई। इन सभी बच्चों में एक समान लक्षण पाए गए—बुखार, पेशाब रुकना, और किडनी फेलियर।

राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई और आगे की जांच

घटना के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को राज्यव्यापी दवा गुणवत्ता जांच का आदेश दिया है। साथ ही फार्मा कंपनियों की मॉनिटरिंग के लिए एक नई नीति पर भी विचार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि कोल्ड्रिफ सिरप में कुछ रासायनिक तत्व निर्धारित सीमा से अधिक पाए गए, जिससे बच्चों के गुर्दे प्रभावित हुए। फिलहाल, पुलिस ने डॉक्टर और कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है और सिरप के सैंपल को सेंट्रल ड्रग्स लैब, कोलकाता भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना देशभर के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की दवाओं के मामले में ज़रा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

For Feedback - devendra.abpnews@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

January 21, 2026

January 5, 2026

December 17, 2025

December 17, 2025

December 15, 2025

December 13, 2025

Leave a Comment