मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अब तक 14 बच्चों की किडनी फेलियर से मौत हो चुकी है। इस गंभीर स्थिति के बाद राज्य सरकार ने शनिवार को “Coldrif” सायरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस काउफ सायरप कांड में सख्त कदम उठाते हुए राज्य के ड्रग कंट्रोलर को पद से हटा दिया, वहीं उप-ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। उन्होंने इस मामले में दोषी कंपनी और तमिलनाडु सरकार से भी कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “काउफ सायरप घटना में बच्चों की दुखद मौत हुई। मैं व्यक्तिगत रूप से परसिया, न्यूटन गांव गया और स्थिति का आकलन किया। सूचना मिलते ही प्रशासन ने सभी आवश्यक सहायता प्रदान की। आज हमने ड्रग कंट्रोलर को हटा दिया। उप-ड्रग कंट्रोलर और जिम्मेदार इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसने यह उत्पाद निर्मित किया था। तमिलनाडु सरकार से भी सख्त कार्रवाई करने को कहा गया और वहां से सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया गया।” उन्होंने बताया कि जिस फैक्ट्री में यह उत्पाद निर्मित हुआ था, वहां इसे उपयुक्त मानकों के बिना संग्रहित किया जा रहा था।

कांग्रेस पर मुख्यमंत्री का पलटवार
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “हमने कहा है कि हर फार्मास्यूटिकल फैक्ट्री का निरीक्षण किया जाए, चाहे वह किसी भी राज्य की क्यों न हो। हमारी जिम्मेदारियां भी यही हैं। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। कांग्रेस पार्टी के पास आरोप लगाने के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने 10,000 लोगों की हत्या करने वाले एंडरसन को भागने दिया। कांग्रेस ने पिछले 40 वर्षों में कभी संवेदनशीलता नहीं दिखाई। अब सत्ता हासिल करने की चक्कर में सस्ते आरोप लगाये जा रहे हैं, ये काम नहीं आएंगे।”
कमलनाथ परिवार की अनुपस्थिति पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कमलनाथ परिवार की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “जब कांग्रेस संवेदनशीलता दिखाने का दावा कर रही है, तो उसे कमलनाथ परिवार की भी चिंता करनी चाहिए। यह परिवार वर्षों से यहां रहा है। कांग्रेस पार्टी को अपने चरित्र की जांच करनी चाहिए।” सीएम ने यह भी जोर दिया कि प्रशासन सभी पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा और इस कांड में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







