MP E-Stamp 2025: मध्य प्रदेश में ज़मीन-मकान के रजिस्ट्रेशन, शपथ-पत्र और लीज़ एग्रीमेंट जैसे सभी कानूनी दस्तावेज़ों में इस्तेमाल होने वाला Stamp पेपर अब पूरी तरह से डिजिटल होगा। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने राज्य सरकार को Stamp पेपर की मैन्युअल छपाई पूरी तरह से बंद करने का प्रस्ताव भेजा है। सरकार से मंज़ूरी मिलते ही इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा, जिससे कागज़ी स्टाम्प अब पुराने ज़माने की बात हो जाएगी।
सालाना बचत
पंजीयन विभाग के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिलने के बाद मध्य प्रदेश में सिर्फ़ डिजिटल स्टाम्प (E-Stamp) ही प्रचलन में रहेंगे। इस कदम से राज्य सरकार को काफ़ी आर्थिक फ़ायदा होगा। सरकार स्टाम्प पेपर की छपाई और विक्रेताओं को वितरण पर सालाना लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये खर्च करती है, जो डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद पूरी तरह से बच जाएगा।
यह प्रक्रिया 10 साल पहले शुरू हुई थी
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में यह प्रक्रिया लगभग 10 साल पहले, 2015 में शुरू हुई थी, जब ₹100 से ज़्यादा मूल्य के स्टाम्प पेपर की छपाई बंद कर दी गई थी। फ़िलहाल, ₹100 से ज़्यादा मूल्य के स्टाम्प पेपर सिर्फ़ डिजिटल रूप में ही उपलब्ध हैं। अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह से लागू करने की तैयारी चल रही है।
धोखाधड़ी की रोकथाम, आसान ट्रैकिंग
इस डिजिटल परिवर्तन का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि स्टाम्पों का दुरुपयोग रोका जा सकेगा और ट्रैकिंग बहुत आसान हो जाएगी। मध्य प्रदेश में जुलाई 2013 में इलेक्ट्रॉनिक स्टाम्पिंग सिस्टम (ESS) शुरू किया गया था, जिससे अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से ऑनलाइन स्टाम्प पेपर खरीदना संभव हो गया।
E-Stamp ऑनलाइन कैसे खरीदें?
- डिजिटल स्टाम्प (E-Stamp) खरीदना अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आसान है:
- ऑनलाइन पोर्टल: मध्य प्रदेश E-Stamping पोर्टल या किसी अन्य अधिकृत ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर जाएँ।
- विवरण दर्ज करें: आवश्यक दस्तावेज़ श्रेणी (जैसे, बिक्री विलेख, किरायानामा) चुनें और पूरा लेन-देन विवरण भरें।
- भुगतान: Net Banking, UPI या card जैसे ऑनलाइन तरीकों से Stamp शुल्क का भुगतान करें।
- प्रमाणपत्र प्राप्त करें: सफल भुगतान के तुरंत बाद आपको एक डिजिटल स्टाम्प प्रमाणपत्र (Digital Stamp Certificate) प्राप्त होगा।
अधिकृत वेंडर से भी मिल सकता है E-Stamp
आप अपने शहर के किसी अधिकृत ई-स्टाम्प (E-Stamp) विक्रेता से भी E-Stamp खरीद सकते हैं। विक्रेता आपको आवश्यक Stamp शुल्क और प्रक्रिया के बारे में बताएगा और भुगतान के बाद डिजिटल प्रमाणपत्र सौंप देगा। यह कदम मध्य प्रदेश को डिजिटल शासन की ओर और आगे बढ़ाएगा।







