मध्य प्रदेश के भिंड जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दलित ड्राइवर का अपहरण कर उसे बेरहमी से पीटा गया और फिर जबरन बोतल में भरा पेशाब पिलाया गया। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन और राजनीतिक दलों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह दिल दहला देने वाली घटना भिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित दलित ड्राइवर ग्वालियर का निवासी है और पहले भिंड के एक व्यक्ति की बोलेरो गाड़ी चलाया करता था। कुछ दिन पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। इसी बात से नाराज होकर तीन आरोपियों — सोनू बरुआ, आलोक पाठक और छोटू ओझा — ने बोलेरो गाड़ी से ग्वालियर पहुंचकर उसका अपहरण कर लिया।
पीड़ित के अनुसार, अपहरण के बाद रास्ते में उसे प्लास्टिक के पाइप से बेरहमी से पीटा गया और बोतल में भरा पेशाब जबरन उसके मुंह में डाल दिया गया। इतना ही नहीं, उसे अकूपुरा गांव में लोहे की जंजीर से बांधकर अमानवीय रूप से प्रताड़ित किया गया।
सरकार की प्रतिक्रिया और विपक्ष का हमला
घटना सामने आने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री डॉ. राकेश शुक्ला, कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा और एएसपी संजय पाठक जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अमानवीय घटना पर संज्ञान लिया है।

वहीं, विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में दलितों के खिलाफ अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार मौन है। कांग्रेस और भीम आर्मी के नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई और भीम आर्मी की चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों — सोनू बरुआ, आलोक पाठक और छोटू ओझा — को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, पीड़ित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने अस्पताल परिसर को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।
भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मुख्यमंत्री निवास तक मार्च करेंगे।
कटनी में भी हुआ था ऐसा ही मामला
यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले कटनी जिले के बटवारा गांव में भी इसी तरह की अमानवीय घटना सामने आई थी, जहां एक दलित युवक ने अवैध खनन का विरोध किया तो दबंगों ने उसकी पिटाई की और उसके ऊपर पेशाब किया। पीड़ित और उसकी मां को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
भिंड और कटनी की ये घटनाएं समाज में दलितों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता और कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती हैं। प्रशासन ने दोनों ही मामलों में एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की है और आश्वासन दिया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।







