रात लगभग 10 बजे, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट के सरकारी आवास में तीन अपराधी चोरी के इरादे से घुस गए। इन अपराधियों ने पहले दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन जब इसमें विफल रहे, तो उन्होंने खिड़की पर जोर-जोर से वार करना शुरू किया। इस दौरान सुपरिंटेंडेंट डॉ. शर्मा अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में मौजूद थे, जिससे घटना और भी गंभीर हो गई।
परिवार ने पुलिस को दी सूचना
जैसे ही घर में दरवाजे टूटने की आवाज आई, परिवार ने जोर-जोर से चिल्ला कर आसपास को सूचित किया और पुलिस को तुरंत सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। गार्डों और पुलिस के तेजी से पहुँचने के कारण, तीनों अपराधियों में से एक को पकड़ लिया गया, जबकि दो अन्य अपराधी भागने में सफल हो गए।

चोरी का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अपराधियों का मकसद केवल चोरी करना था या कोई और दुर्भावना भी शामिल थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, माना जा रहा है कि वे संपत्ति या कीमती सामान चुराने के इरादे से वहां पहुंचे थे। यह घटना तब हुई जब डॉ. शर्मा हाल ही में सागर से लौटे थे, जिससे अपराधियों के इस कदम के पीछे योजनाबद्ध प्रयास की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने अस्पताल और सरकारी आवासों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी आवासों में 24 घंटे निगरानी और सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी जरूरी है। पुलिस और गार्डों की त्वरित कार्रवाई के कारण बड़ी चोरी या नुकसान होने से बचा जा सका, लेकिन यह घटना एक चेतावनी है कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा उपकरणों और निगरानी प्रणालियों को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए।







