मध्य प्रदेश में कार्बाइड पाइप गनों से बच्चों को हो रही आंखों की चोटों की घटनाओं के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। भोपाल, विदिशा और ग्वालियर में कैल्शियम कार्बाइड गनों का पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके तहत गैस फाइटर पाइप गन और अन्य खतरनाक उपकरणों के निर्माण, खरीद, बिक्री, प्रदर्शन और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस मामले में भोपाल पुलिस ने कई गिरफ्तारियां भी की हैं और कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, सख्त कार्रवाई
भोपाल के आनंद नगर, पिपलानी में आरोपी मोहम्मद ताहा के खिलाफ क्राइम नंबर 890/25 के तहत एक्सप्लोसिव एक्ट 1884 की धारा 4, 5, 9(b) और बीएनएस एक्ट की धारा 288 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी, 27 वर्षीय मोहम्मद ताहा, ईमान नगर, भोपाल का निवासी है, जिसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 10 किलो कार्बाइड और चार पाइप गन बरामद की हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।

कार्बाइड पाइप गन क्या है?
कार्बाइड पाइप गन आमतौर पर PVC पाइप से बनाई जाती है और त्योहारों के दौरान बच्चों के खिलौने के रूप में बेची जाती हैं। ये उपकरण खतरनाक रासायनिक प्रतिक्रियाओं के कारण अत्यंत असुरक्षित माने जाते हैं। इनमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी का उपयोग करके छोटे विस्फोट कर फटाके की आवाज़ उत्पन्न की जाती है। हाल के समय में इस प्रकार के गनों से अस्पतालों में बच्चों के पहुंचने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई। इसी कारण यह प्रतिबंध लगाया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, जारी किया अलर्ट
इस बीच, मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि “हम उन बच्चों की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं जिन्हें आंखों की चोट लगी है। अस्पताल में भर्ती बच्चों की आंखों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए निगरानी जारी है।” सरकार ने ऐसे पाइप बैरल का इस्तेमाल करने पर पहले ही एडवाइजरी जारी की है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे अवैध रूप से निर्मित इन गनों का उपयोग न करें और फटाके न फोड़ें। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







