मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में रविवार रात एक बड़े हादसे ने सबको दहला दिया। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में स्थित एक कबाड़ गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते गोदाम आग की लपटों में घिर गया। मौके पर पुलिस और SDRF की टीम पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
आग की वजह बनी पटाखे की चिंगारी. लपटों ने बढ़ाई तबाही
ग्वालियर नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर और फायर ऑफिसर अतीबल सिंह यादव ने बताया कि यह आग एक पटाखे की चिंगारी से शुरू हुई। कबाड़ में रखी ज्वलनशील वस्तुओं ने आग को और फैलाया। सात फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। SDRF की टीमें भी मौके पर सक्रिय रहीं। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई।
प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
ग्वालियर एसडीएम प्रदीप शर्मा ने बताया कि जैसे ही घटना की सूचना मिली, पुलिस और फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंच गए। तेज हवा और कबाड़ के ढेर के कारण आग तेजी से फैली थी लेकिन टीमों ने सूझबूझ से हालात को संभाला। फिलहाल गोदाम के मालिक और जिम्मेदार व्यक्ति की तलाश जारी है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
मुंबई में भी आग का तांडव. क्रॉफर्ड मार्केट के बाटा शोरूम में लगी आग
ग्वालियर की आग की खबर के कुछ घंटे बाद ही मुंबई के मशहूर क्रॉफर्ड मार्केट में एक और आग लगने की खबर आई। रात करीब 10 बजकर 26 मिनट पर बाटा शोरूम में अचानक लपटें उठीं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मुंबई फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचित किया गया। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू हुआ। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दो शहरों की एक रात. सतर्कता और राहत की मिसाल
ग्वालियर और मुंबई दोनों जगहों पर फायर ब्रिगेड और प्रशासन की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया। दोनों घटनाओं ने यह साबित किया कि आपात स्थितियों में समय पर कार्रवाई कितनी जरूरी होती है। आग लगने के कारण भले अलग-अलग हों लेकिन नतीजा एक ही होता है—जान और माल का खतरा। लोगों से अपील की जा रही है कि वे त्योहारों के दौरान पटाखों और ज्वलनशील वस्तुओं के साथ सावधानी बरतें ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।







