मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने जिला सदस्य के कार्यालय के सामने ही उनकी कार पर पत्थर बरसाकर तोड़फोड़ कर दी। यह मामला सदरई गांव का बताया जा रहा है। महिला का नाम छोटी बाई लोधी है, जो पिछले कई दिनों से अपनी जमीन पर हुए कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन के चक्कर काट रही थी। लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने गुस्से में आकर यह कदम उठा लिया।
चार एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप, जिला सदस्य पर मिलीभगत का आरोप
जानकारी के अनुसार, छोटी बाई लोधी का आरोप है कि उसकी चार एकड़ जमीन पर उसके ही परिवार के लोगों ने कब्जा कर लिया है, और इस पूरे प्रकरण में जिला सदस्य राघवेंद्र की मिलीभगत है। महिला का कहना है कि उसने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन हर बार उसे नजरअंदाज कर दिया गया। प्रशासन की लापरवाही और लगातार उपेक्षा से तंग आकर उसने जिला सदस्य के दफ्तर के बाहर ही विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया। वह अपने हाथ में पत्थर लेकर पहुंची और देखते ही देखते जिला सदस्य की खड़ी कार पर जोर-जोर से पत्थर फेंकने लगी। मौके पर मौजूद लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। कुछ ही मिनटों में कार की आगे और साइड की खिड़कियां पूरी तरह टूट गईं।
घटना के बाद महिला फरार, पुलिस ने शुरू की जांच
पत्थरबाजी के बाद महिला मौके से भाग निकली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, कार को जब्त किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पूरी तरह से एक राजनीतिक साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला को कुछ लोगों द्वारा उकसाया गया था ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। फिलहाल पुलिस महिला की तलाश कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
गांव वालों ने बताया – लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रही थी महिला
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, छोटी बाई लोधी कई महीनों से अपनी जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही थी। उसने कई बार तहसील और जिला कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, न्याय न मिलने से निराश होकर उसने यह कदम उठाया। गांव के लोगों का कहना है कि महिला की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है और वह न्याय की उम्मीद में लगातार अधिकारियों के पास जा रही थी। अब यह मामला प्रशासनिक सुस्ती और आम जनता की व्यथा का प्रतीक बन गया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि जमीन विवाद की जांच जल्द पूरी की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना अब पूरे सागर जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।







