मध्य प्रदेश से एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को शर्मसार कर दिया है। कभी नेताओं की हरकतें, कभी अधिकारियों की लापरवाही और अब अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की गैरजिम्मेदाराना हरकतें — यह सब राज्य की छवि पर धब्बा लगा रही हैं। ताज़ा घटना अशोकनगर ज़िला अस्पताल की है, जहाँ सर्जिकल वार्ड में भर्ती एक मरीज देवेंद्र यादव अपने रिश्तेदारों के साथ बेड पर बैठकर शराब पीता हुआ पकड़ा गया। यह घटना गुरुवार रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा बनाई गई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
बेड पर ही चल रही थी शराब पार्टी, ड्रिप लगी हालत में मरीज पीता दिखा
वायरल वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि मरीज देवेंद्र यादव अपने साथी के साथ बेड पर बैठकर शराब पी रहा है। हैरानी की बात यह है कि मरीज के हाथ में ड्रिप लगी हुई थी, और उसी दौरान वह शराब पी रहा था। वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी जब निरीक्षण के लिए पहुँचीं, तो उन्होंने मरीज और उसके साथी को शराब पीते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जैसे ही नर्स ने टोक दिया, परिजन घबरा गए और गिलास छिपाने की कोशिश करने लगे, लेकिन गायत्री चौधरी ने उन्हें पकड़ लिया और कड़ी फटकार लगाई।
गायत्री चौधरी ने घटना का वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में मरीज और उसका साथी नर्स से कहते नजर आते हैं कि “कोई दिक्कत नहीं है मैडम”, लेकिन बाद में दोनों ने माफी मांग ली।

नर्स ने लगाई कड़ी फटकार: “यह अस्पताल है, मंदिर की तरह जगह है”
वीडियो में नर्स गायत्री चौधरी की नाराजगी साफ झलकती है। उन्होंने मरीज और उसके रिश्तेदारों को फटकार लगाते हुए कहा — “आप लोग ये कर रहे हैं? हम यहां दिन-रात मेहनत करते हैं, मरीजों को ठीक करने की कोशिश करते हैं, अपनी तबीयत खराब करके ड्यूटी करते हैं, और आप लोग यहां शराब पी रहे हैं? घर पर पी सकते हैं, लेकिन ये अस्पताल है, ये हमारे लिए मंदिर है। यहां लोग भगवान का घर मानकर आते हैं और स्वस्थ होकर लौटते हैं, और आप लोग यही हरकत कर रहे हैं?”
उनकी यह बात न केवल अस्पताल के कर्मचारियों की भावना को दर्शाती है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों की लापरवाही को भी उजागर करती है।
अस्पताल प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश जारी
इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। ज़िला अस्पताल के अधीक्षक ने इस मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्राथमिक जांच में पाया गया है कि मरीज के रिश्तेदार अस्पताल परिसर में शराब लेकर आए थे और सर्जिकल वार्ड में बैठकर पी रहे थे। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर भी अनुशासन और मर्यादा का पालन कितना ज़रूरी है। स्वास्थ्य कर्मी जहां दिन-रात अपनी जान लगाकर मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे कृत्य कर अस्पताल की पवित्रता को ठेस पहुंचा रहे हैं।







