मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में ‘समृद्ध मध्य प्रदेश @2047’ विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की प्रगति और औद्योगिक विकास पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में एमपी ई-सेवा पोर्टल और “वॉश ऑन व्हील्स” मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया। सीएम ने इस मौके पर घोषणा की कि ओंकारेश्वर को राज्य का 27वां वन्यजीव अभयारण्य बनाया जाएगा, जहां बाघ, भालू और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के जानवर रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के भविष्य के लिए 25 वर्षों का रोडमैप तैयार करना आवश्यक है। फिलहाल प्रदेश में आठ एयरपोर्ट हैं, और अब विपिन कुमार (एयरपोर्ट अथॉरिटी) द्वारा नौवें एयरपोर्ट का भी शुभारंभ किया गया।
1956 में तीन-चार राज्यों को मिलाकर बना था मध्य प्रदेश
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब अपने 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि 1956 में मध्य भारत, मालवा-चंबल, महाकौशल, विदर्भ के कुछ हिस्से और विंध्य क्षेत्र को मिलाकर मध्य प्रदेश का गठन हुआ था। उन्होंने कहा कि “मध्य प्रदेश देश का हृदय है, और अगर हमारा हृदय स्वस्थ और समृद्ध रहेगा, तो पूरा देश स्वस्थ रहेगा।” मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में परिवर्तन का एक नया युग शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य उद्योग और रोजगार को केंद्र में रखकर विकास का विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च कर रहा है। साथ ही सिंहस्थ 2028 की भव्य तैयारियों पर भी काम चल रहा है — 30 किलोमीटर लंबे घाट श्रद्धालुओं के स्नान के लिए तैयार किए जा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में ₹6 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, और 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश से 6 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। कृषि को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और नदियों को जोड़ने के लिए पड़ोसी राज्यों से तीन समझौते किए गए हैं।

हर क्षेत्र में विकास — शिक्षा, उद्योग और खेल पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार पीपीपी मॉडल के तहत राज्य में नौ नए मेडिकल कॉलेज खोल रही है, जिनके लिए 25 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये की लीज़ पर दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुसार तकनीकी कॉलेज खोले जा रहे हैं, ताकि युवाओं को रोजगार के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा सके। राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में हेलिपैड और खेल स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर-मनमाड नई रेल लाइन व्यापार के नए द्वार खोलेगी, जिससे दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी 250 किमी कम हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने खंडवा के रास्ते नई रेल लाइन का उपहार दिया है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी राज्य अग्रणी बन रहा है — भोपाल के पास रतापानी टाइगर रिज़र्व का नाम अब डॉ. वाकणकर के नाम पर रखा गया है। चीतों की संख्या में वृद्धि हो रही है और जल्द ही गैंडा और जंगली भैंसा भी राज्य के अभयारण्यों में देखे जा सकेंगे।
प्रदर्शनी में दिखी ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश’ की झलक और निवेश का उत्साह
इस अवसर पर रवींद्र भवन में एक औद्योगिक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें राज्य में निवेश करने वाली कंपनियों और उनके रोजगार अवसरों को दर्शाया गया। इसमें बताया गया कि AGI ग्रीनपैक ₹1500 करोड़, BEML ₹1800 करोड़, CETP ₹48 करोड़, मंडीदीप का प्ले-प्लग पार्क ₹76 करोड़, और मोहासा-बाबई इंडस्ट्रियल पार्क ₹59 हजार करोड़ का निवेश करेंगे। इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, लाल परेड ग्राउंड में आयोजित ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश’ प्रदर्शनी में राज्य का गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और उज्ज्वल भविष्य प्रदर्शित किया गया। यहां विक्रमादित्य कालीन सिक्के, बावड़ियाँ, पारंपरिक कला, मंदिर स्थापत्य और ज़री-ज़रदोज़ी के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। फैशन डिजाइनर तजवर खान ने बताया कि वे 30 कलाकारों (15 महिलाएं और 15 पुरुष) के साथ मिलकर इस कला को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का काम कर रहे हैं।







