Fire breaks out at Pithampur factory: पीथमपुर स्थित शिवम इंडस्ट्रीज ऑयल फैक्ट्री में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। घटना में दो लोग झुलस गए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँच गए।
फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मची
धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के सेक्टर 3 स्थित शिवम इंडस्ट्रीज ऑयल फैक्ट्री में बुधवार रात भीषण आग लग गई। आग लगते ही फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने धुएँ का गुबार देखा और तुरंत पुलिस और दमकल को सूचना दी। चार से पाँच दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और आग बुझाना शुरू किया। तड़के तीन बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया।
आग कंपनी के लुब्रिकेंट ऑयल टैंकर से लगी
बताया जा रहा है कि आग कंपनी के लुब्रिकेंट ऑयल टैंकर से लगी थी। एहतियात के तौर पर पास में खड़े एक और टैंकर को हटा दिया गया। आग इतनी भीषण थी कि आसपास के रास्ते बंद कर दिए गए और फैक्ट्री के आसपास का इलाका खाली करा दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर पीथमपुर थाना प्रभारी सुनील शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, एएसपी पारुल बेलापुरकर, एसडीएम राहुल गुप्ता, तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव और नगर निगम अधिकारी निशिकांत शुक्ला भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
हादसे में टैंकर चालक झुलसा
हादसे में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी टैंकर चालक मनोज झा (55) झुलस गए। वह फैक्ट्री में केमिकल लेकर जा रहे थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अमीन अंसारी के अनुसार, मनोज झा लगभग 20 प्रतिशत झुलस गए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया गया।
आग बुझाते समय दमकलकर्मी दिलीप सिंह यादव का हाथ भी मामूली रूप से झुलस गया। हालांकि, उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। एसडीएम राहुल गुप्ता ने बताया कि आग रात करीब साढ़े नौ बजे लगी थी।
सूचना मिलने पर नगर निगम और इंदौर से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। उन्होंने यह भी बताया कि आग अब पूरी तरह से काबू में है। टैंकर के अंदर लगी आग पर काबू पा लिया गया है और यह बाहर नहीं फैली है।
हादसा शॉर्ट सर्किट या टैंकर लीकेज की वजह से हुआ
बता दें कि पीथमपुर स्थित शिवम इंडस्ट्रीज में लगी आग को 300 लीटर फोम, 10 दमकल और करीब एक लाख लीटर पानी के छिड़काव के बाद बुझाया गया। इस दौरान पीथमपुर, धार, इंदौर समेत कई औद्योगिक इकाइयों के दमकल, नगर निगम के टैंकर और आसपास के किसानों ने पानी पहुंचाकर आग बुझाने में मदद की।
फिलहाल, प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल, अनुमान लगाया जा रहा है कि हादसा शॉर्ट सर्किट या टैंकर लीकेज की वजह से हुआ होगा।







