मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप 2025 जीतकर पूरे विश्व में भारत का परचम फहराया है। छतरपुर जिले के घुवारा की तेज गेंदबाज क्रांति गौर ने मध्यप्रदेश का नाम रौशन किया है। कठिन परिस्थितियों, संसाधनों की कमी और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद क्रांति ने मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ यह उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री ने बताया कि क्रिकेटर क्रांति गौर न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। राज्य सरकार द्वारा उनका सम्मान 15 नवंबर को जabalपुर में राज्यस्तरीय कार्यक्रम में किया जाएगा, जो भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छतरपुर में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए नए क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर क्रांति गौर के पिता की पुनः नियुक्ति के लिए कोई अपील की जाती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। क्रांति गौर के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर क्रिकेटर क्रांति गौर के माता-पिता मुन्ना सिंह गौर और नीलम सिंह गौर तथा कोच राजीव बिर्थारे को अंगवस्त्रम और पुष्पगुच्छ के साथ स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए। समारोह में मध्यप्रदेश खेल अकादमी की लड़कियों ने क्रिकेटर क्रांति गौर से बातचीत की और उनके अनुभवों से प्रेरणा ली।
योग और ध्यान, फिटनेस और ध्यान केंद्रित करने के लिए आवश्यक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर क्रांति गौर और खेल अकादमी की लड़कियों के बीच बातचीत में हिस्सा लिया और उन्हें फिटनेस बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योग और ध्यान न केवल खेलों बल्कि बेहतर जीवन के लिए भी आवश्यक हैं। इस दौरान लड़कियों ने क्रांति से उनके फिटनेस रूटीन, रुचियों, संघर्षों, लगातार अभ्यास और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनुभवों के बारे में पूछा। लड़कियों ने मुख्यमंत्री से उनके बचपन के खेल और पसंदीदा खेलों के बारे में भी सवाल किए। डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन में सभी त्योहारों और व्रतों पर क्षिप्रा नदी में स्नान करने की परंपरा है और वे भी अपने बचपन में अपनी माता के साथ इसमें हिस्सा लेते थे। उन्हें तैराकी और हॉकी खेलना विशेष रूप से पसंद था।
कोच राजीव बिर्थारे ने साझा किया सफलता का रहस्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में क्रिकेटर क्रांति गौर ने लड़कियों को यह संदेश दिया कि निरंतर संघर्ष लक्ष्य प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपने और माता-पिता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास करना चाहिए। सफलता निरंतर प्रयासों के माध्यम से सुनिश्चित होती है। क्रांति गौर ने बताया कि खेलों में सफलता के लिए फिटनेस और आहार अनुशासन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस अनुशासन का पालन करते हुए मिठाइयों का त्याग कर दिया।
कोच राजीव बिर्थारे ने कहा कि क्रांति गौर की फिटनेस पर शुरू से ही विशेष ध्यान दिया गया। इसी वजह से उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैचों में कभी भी फिटनेस की समस्या नहीं हुई। फिटनेस ने उन्हें कई बार चोटों से जल्दी उबरने में मदद की और हर बार खेल के मैदान में वापसी संभव हुई। कोच ने खेल अकादमी की लड़कियों को नियमित व्यायाम, योग, फिटनेस और आहार अनुशासन का पालन करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनका भविष्य उज्जवल और सफल हो सके।







