Dr. Mohan Yadav ने PM Modi की कल्पना से आयोजित Vande Mataram 150वीं वर्षगांठ समारोह में किया उद्घाटन

By: MPLive Team

On: Friday, November 7, 2025 8:16 PM

Dr. Mohan Yadav ने PM Modi की कल्पना से आयोजित Vande Mataram 150वीं वर्षगांठ समारोह में किया उद्घाटन
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक में भारत माता के चित्र के सामने पुष्पांजलि अर्पित की और दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना और दिशा के कारण आज ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि यह गीत सिर्फ एक राष्ट्रगान नहीं बल्कि देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम की भावना का प्रतीक है।

रवींद्रनाथ टैगोर ने स्वतंत्रता सेनानियों को दी प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1896 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ गाकर स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाला था। ‘वंदे मातरम’ के बोलों की गूंज ने न केवल भारत बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड और अन्य देशों में स्वतंत्रता आंदोलनों को भी प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीत “कदम कदम बढ़ाए जा…” आज़ाद हिंद फौज को समर्पित था, जिसने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में राष्ट्र को एकजुट करने का प्रयास किया।

वंदे मातरम: स्वतंत्रता का मूल मंत्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ गीत में राष्ट्र की त्रिदेव संस्कृति—सरस्वती, लक्ष्मी और मातृभूमि का प्रतिनिधित्व है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता का मूल मंत्र बन गया। हालांकि, जब स्वतंत्रता के समय राष्ट्रीय गीत को अपनाने का समय आया, तो देश को भटकाने के प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल गीत नहीं बल्कि देशभक्ति और राष्ट्र प्रेम का प्रतीक है, जिसे हर नागरिक को समझना और अपनाना चाहिए।

वंदे मातरम उत्सव अगले एक वर्ष तक जारी रहेगा

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘वंदे मातरम’ के इतिहास और महत्व को समझना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उद्धृत किया कि 1950 में सरदार वल्लभभाई पटेल ने कहा था कि राष्ट्रीय गीत ‘जन-गण-मन’ के साथ ‘वंदे मातरम’ को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में ‘वंदे मातरम’ का स्मरण अगले एक वर्ष तक, अर्थात् 7 नवंबर 2026 तक, विशेष आयोजनों के माध्यम से किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय त्योहारों और अन्य अवसरों पर ‘वंदे मातरम’ से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी भी इस गीत के गौरव और महत्व को समझ सके।

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