मध्य प्रदेश के दमोह जिले में आवारा कुत्तों ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। पिछले दो दिनों में कम से कम 40 लोग इन कुत्तों के काटने की शिकार हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 35 मामलों में केवल दो कुत्ते शामिल थे, जिन्होंने स्थानीय निवासियों और राहगीरों को निशाना बनाया। आवारा कुत्तों के इस बढ़ते आतंक ने जिले में सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरे की चेतावनी दी है।
पतेरा में 25 मामले दर्ज
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अशोक बडोनिया ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को पतेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 25 डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि इन सभी मरीजों पर संभवत: वही कुत्ता हमला कर रहा था। डॉ. बडोनिया ने कहा कि इस कुत्ते ने कई लोगों को निशाना बनाकर शहर में दहशत फैला दी है। यह स्थिति आम नागरिकों के लिए बेहद चिंताजनक साबित हो रही है, क्योंकि लोग अपने रोजमर्रा के काम करने के दौरान भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।

जिले के अस्पताल में उपचार
बटियागढ़ ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. बीएम पंत ने बताया कि उनके क्षेत्र में एक ही कुत्ते ने 10 लोगों को काटा। इसके अलावा, शहर में आवारा कुत्तों के हमले में घायल पांच और लोगों को दमोह जिला अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में इन मरीजों का इलाज किया जा रहा है और उन्हें टीके व एंटीरेबिक दवाइयां दी जा रही हैं। इस प्रकार, आवारा कुत्तों के हमले ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव डाल दिया है।
उच्च न्यायालय की सख्त चेतावनी
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि उन्होंने जिले के अधिकारियों को तुरंत आवारा कुत्तों को पकड़ने और सुरक्षित आश्रय स्थल तक पहुँचाने का निर्देश दिया है। इससे पहले, शुक्रवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में “चौंकाने वाली वृद्धि” पर संज्ञान लिया। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे कुत्तों को तुरंत पकड़कर सुरक्षित शेल्टर में रखा जाए ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।







