मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 नवंबर को जंबुरी मैदान में आयोजित तीन-स्तरीय सरपंच संयुक्त मोहन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायतों के विकास में सरपंचों की भूमिका सांसद और विधायक से भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि कार्य की भावना पवित्र हो, तो भगवान भी मदद करते हैं। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए 50,000 रुपए प्रति पंचायत वितरित किए। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने 2,472 अटल पंचायत भवन, 1,037 सामुदायिक भवन, 106 जनपद पंचायत भवन और 5 जिला पंचायत भवन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पंचायतों में शांति धाम के निर्माण में सरपंचों की मदद करेगा और 2026 को कृषि वर्ष के रूप में घोषित किया गया है।
कृषि और उद्योग पर विशेष ध्यान
डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों के माध्यम से लघु और कुटीर उद्योग, रोजगारोन्मुख उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना में सक्रिय है। सब्जियों और अन्य फसलों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स खोली जा रही हैं और युवाओं को बागवानी व खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि किसान अपनी प्रत्येक फसल का उचित मूल्य प्राप्त करें और उन्हें उत्पादन फेंकने की नौबत न आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोजगार आधारित उद्योगों की स्थापना से युवाओं को स्थानीय अवसर मिलेंगे और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पशुपालन और धार्मिक पर्यटन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को हर स्थान की जानकारी एकत्र करनी चाहिए जो भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से संबंधित हो। इन स्थलों को क्रमशः श्रीराम वन गमन पथ और कृष्णा तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। पंचायतों को न केवल पारंपरिक कार्य करने चाहिए, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, रोजगार और उद्योग को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने किसानों को पशुपालन और दूध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि राज्य देश में दूध उत्पादन में अग्रणी बन सके।
सख्ती और आतंकवाद के खिलाफ समर्थन
डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि पंचायतों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया गया है और यदि कोई सचिव या सहायक सचिव सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दिल्ली कार बम हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की क्षमताओं पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अभियान शुरू किया है और सभी पंचायतों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।







