दिल्ली में हुए जानलेवा बम ब्लास्ट की जांच अब मध्य प्रदेश के एम्हो तक पहुँचती नजर आ रही है। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की जा रही है, वहीं इंदौर रूरल पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस अब एक संदिग्ध के अतीत के रिकॉर्ड की जांच कर रही है, जिससे दिल्ली ब्लास्ट के पीछे संभावित कनेक्शन का पता लगाया जा सके। जांच में सामने आया है कि इस मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी, एम्हो के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी का नाम भी जुड़ा हुआ है।
एम्हो कनेक्शन और परिवार की पृष्ठभूमि
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जवाद सिद्दीकी मूल रूप से एम्हो के रहने वाले हैं। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका परिवार लगभग 25 साल पहले एम्हो छोड़ चुका है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जवाद के भाई के खिलाफ एम्हो में पहले से एक पुराना धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इन सभी जानकारियों को आधार बनाकर इंदौर पुलिस अब जवाद और उनके परिवार से जुड़े अतीत के सभी रिकॉर्ड की जांच कर रही है। स्थानीय खुफिया विभाग भी इस जांच में सक्रिय कर दिया गया है, ताकि संदिग्ध के पिछले स्थानों और परिचितों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके।

सावधानी और सोशल मीडिया की रिपोर्ट
इंदौर रूरल पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में अत्यधिक सतर्कता बरत रही है। ग्रामीण एसपी याङचेन डोलकर भूटिया ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने केवल जांच की शुरुआत की है और अभी तक दिल्ली ब्लास्ट के सीधे कनेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया हैंडल्स से surfaced जानकारी के आधार पर यह सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है। इस बात पर जोर दिया गया कि अभी तक जवाद सिद्दीकी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
आगे की जांच और संभावित साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे कोई भी ठोस साक्ष्य केवल तभी इकट्ठा किया जाएगा जब दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा कोई स्पष्ट लिंक सामने आए। जांच में जवाद सिद्दीकी और उनके परिवार के पुराने स्थानों, परिचितों और गतिविधियों की गहन पड़ताल की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य न केवल संभावित संदिग्धों की पहचान करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि किसी भी तरह की संभावित साजिश का पता समय रहते लगाया जा सके। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है और आगे की कार्रवाई पूरी सावधानी और विधिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।







