मध्य प्रदेश के गुना ज़िले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर शुरू हुई बहस देखते-देखते इतनी भड़क गई कि दो मामाओं ने अपने ही भांजे की जान ले ली। यह घटना कैंटोनमेंट थाना क्षेत्र में हुई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय शंकर मांझी के रूप में हुई है।
चुनावी बहस बना मौत की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि शंकर की राजनीतिक पसंद RJD की ओर झुकी हुई थी, जबकि उसके दोनों मामा—राजेश मांझी और तूफानी मांझी—JDU के समर्थक थे। रविवार देर रात तीनों शराब के नशे में थे और बिहार चुनाव परिणामों पर चर्चा कर रहे थे। देखते-देखते बहस तीखी गाली-गलौज तक पहुंच गई और उसके बाद मारपीट शुरू हो गई।
मामला इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने शंकर को पास स्थित एक कीचड़ भरे गड्ढे तक घसीटा और उसका चेहरा कीचड़ में दबाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। घटनास्थल की स्थिति से साफ है कि शंकर बचाव का कोई मौका नहीं पा सका।
पुलिस ने की तत्काल कार्रवाई, दोनों आरोपी हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही कैंटोनमेंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पूरा मामला आगे जांच में है।
नशा और राजनीतिक उन्माद का खतरनाक मिश्रण
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे में की गई तीखी राजनीतिक बहस कई बार हिंसा का रूप ले लेती है और यह मामला उसी का दुखद उदाहरण है। रिश्तों में आई दरार और नशे के असर ने मिलकर एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से इलाके में ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं।







