मध्य प्रदेश के मऊगंज ज़िले के इटहा कलार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का एक वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। बाल दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्कूल के एक शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ अशोभनीय भोजपुरी गीतों पर नाचने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला न केवल शिक्षक-छात्र संबंधों की गरिमा पर सवाल उठाता है, बल्कि स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
वीडियो में नज़र आने वाले शिक्षक की पहचान राजबिहारी साकेत के रूप में हुई है। वे कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के साथ भोजपुरी गीत “हमार पियावा चलाबै डीजल गड़िया” पर नाचते दिखाई देते हैं। शिक्षा संस्थानों में ऐसे व्यवहार को लेकर अभिभावक और स्थानीय लोगों में गंभीर नाराज़गी देखी जा रही है।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस विद्यालय में यह कार्यक्रम हुआ, उसके प्रधानाचार्य एच.एल. साकेत ही नैगाई उन्नयन ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भी हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पूरे ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था का दायित्व रखने वाला अधिकारी ही अपने स्कूल में अनुशासन कायम नहीं रख सका, तो अन्य विद्यालयों में कैसी जवाबदेही सुनिश्चित होगी?
जब इस मामले को लेकर प्रधानाचार्य और बीईओ एच.एल. साकेत से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और वे जांच कराएंगे। उनका यह रवैया कई लोगों के लिए असंतोषजनक रहा, क्योंकि वीडियो स्पष्ट रूप से स्कूल में हुई गंभीर चूक को दिखाता है।
स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर अब दबाव है कि वे इस मामले की पारदर्शी और तत्परता से जांच करें, ताकि स्कूलों में अनुशासन और शिक्षक-छात्र संबंधों की पवित्रता बनी रहे। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।







