खरीफ 2025–26: किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने और उनकी आय में स्थिरता लाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकारों ने खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के लिए धान, ज्वार और बाजरा की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद नीति घोषित कर दी है। इस नीति के तहत निर्धारित अवधि में किसानों से औसत अच्छी गुणवत्ता वाली उपज सीधे समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी।
खरीद कब और कैसे होगी?
सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
- ज्वार और बाजरा की MSP पर खरीद: 24 नवंबर से 24 दिसंबर 2025
- धान की MSP पर खरीद: 1 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026
- खरीद केवल सोमवार से शुक्रवार के बीच होगी।
सभी कलेक्टरों, नागरिक आपूर्ति निगमों और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
2025–26 के लिए तय MSP
सरकार ने खरीफ फसलों के लिए निम्नलिखित न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए हैं—
- सामान्य धान: ₹2369 प्रति क्विंटल
- ग्रेड-ए धान: ₹2389 प्रति क्विंटल
- मालिंदी ज्वार: ₹3749 प्रति क्विंटल
- संकर ज्वार: ₹3699 प्रति क्विंटल
- बाजरा: ₹2775 प्रति क्विंटल
धान की MSP खरीद के दौरान 46% पुराने और 54% नए जूट बैग उपयोग किए जाएँगे, जबकि ज्वार और बाजरा की खरीद पूरी तरह नए जूट बोरो में की जाएगी।
गुणवत्ता जांच के सख्त नियम
- खरीद केंद्र पर मौजूद एजेंसी और गोदाम स्थित खरीद एजेंसी दोनों गुणवत्ता जांच की ज़िम्मेदार होंगी।
- कृषि उपज मंडियों को निर्देश दिया गया है कि वे एफएक्यू (Fair Average Quality) से कम गुणवत्ता वाली उपज को MSP पर न खरीदें।
- गैर-एफएक्यू उत्पादों के नमूने कृषि मंडियाँ संग्रहित करेंगी।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही खरीद होगी।
कितनी मात्रा बेच सकेंगे किसान?
प्रत्येक किसान की बिक्री सीमा निम्न के आधार पर तय होगी—
- रजिस्टर में दर्ज फसल क्षेत्र
- राजस्व विभाग द्वारा उपलब्ध तहसीलवार उत्पादकता
इसी आधार पर किसानों को अधिकतम बिक्री योग्य मात्रा निर्धारित की जाएगी।
स्लॉट बुकिंग होगी अनिवार्य
किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए—
- नज़दीकी क्रय केंद्र का चयन
- बिक्री की तारीख चुनने
—के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होगा।
खरीद एजेंसी उपज को क्रय केंद्र से गोदाम तक पहुँचाने की ज़िम्मेदार होगी। वहीं, मिल मालिक धान को सीधे क्रय केंद्र या गोदाम से मिल तक ले जाने के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
नई खरीफ MSP नीति का उद्देश्य
सरकार की नई खरीफ MSP नीति का उद्देश्य किसानों को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाना और खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाना है। निर्धारित समयसारिणी, गुणवत्ता मानकों और सख्त निगरानी के साथ इस वर्ष धान, ज्वार और बाजरा खरीद को सुचारू रूप से संचालित करने का लक्ष्य तय किया गया है।







