CM Mohan Yadav Son’s Marriage: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सादगी और सामाजिक मूल्यों की एक अनोखी मिसाल पेश करने जा रहे हैं। उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव और खरगोन की रहने वाली डॉ. इशिता आज उज्जैन में आयोजित एक बड़े सामूहिक विवाह समारोह में शादी के बंधन में बंधेंगे। इस आयोजन को खास बनाता है कि मुख्यमंत्री के बेटे सहित कुल 21 जोड़े एक ही मंच पर विवाह संस्कार संपन्न करेंगे।
हरि फाटक से निकलेगी बारात
विवाह समारोह की तैयारियां पिछले कई दिनों से उज्जैन में जोरों पर हैं। कार्यक्रम के अनुसार, बारात सुबह 9 बजे हरि फाटक से रवाना होकर सांवराखेड़ी ब्रिज के पास बने समारोह स्थल तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं स्थल पर मौजूद रहकर मेहमानों का स्वागत करेंगे।
तीन दिन पहले से चल रही तैयारियाँ
यह सामूहिक विवाह ऑल इंडिया यादव महासभा द्वारा आयोजित किया जा रहा है। 26 नवंबर से ही उज्जैन में आयोजन की ग्राउंड तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। भोपाल से आए आठ ट्रकों के जरिए डोम और अन्य सजावट का सामान स्थल पर पहुंचाया गया है।
कार्यक्रम स्थल पर पांच बड़े वाटरप्रूफ डोम, एक विशाल स्टेज, पांच ग्रीन रूम, छह चेंजिंग रूम, सात एंट्री गेट और टॉयलेट जैसी सुविधाएँ तैयार की गई हैं, ताकि प्रतिभागी जोड़ों और मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
विभिन्न समुदायों के जोड़े भी शामिल
इस बार समारोह में 16 जोड़े यादव समुदाय से और 5 जोड़े अन्य समुदायों से शामिल हो रहे हैं। विवाह की रस्में सुबह 11:30 बजे शुरू होंगी। मेहमानों के लिए भोजन में दो तरह की मिठाइयों के साथ पूरा पारंपरिक भोजन परोसा जाएगा।
आयोजन समिति की ओर से सभी नवविवाहित जोड़ों को 51,000 रुपये के उपहार भी प्रदान किए जाएंगे।
कई बड़े नेता और गणमान्य हस्तियाँ रहेंगी उपस्थित
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में देशभर की कई प्रतिष्ठित हस्तियाँ शिरकत करने वाली हैं। इनमें मध्य प्रदेश के गवर्नर मंगूभाई पटेल, कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. माहेश्वरी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पत्नी डॉ. अमिता, योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई अन्य नेता और संत-समाज के प्रमुख लोग शामिल होंगे।
उज्जैन में उत्साह का माहौल
सामूहिक विवाह को लेकर उज्जैन में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री के परिवार की सादगीपूर्ण सोच और इस सामाजिक पहल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। आयोजन समिति का कहना है कि इसका उद्देश्य समाज में सरल और संस्कारयुक्त विवाह की परंपरा को बढ़ावा देना है।







