इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में हार्ट अटैक से युवाओं की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार दोपहर परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में 27 साल के विनीत की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना ने एक बार फिर शहर में युवाओं की हृदय संबंधी बीमारियों को लेकर बढ़ती चिंता को सामने ला दिया है।
परिवार और पुलिस के अनुसार, विनीत जनता क्वार्टर इलाके का रहने वाला था और दोपहर में एक मैकेनिक की कार में घूम रहा था। तभी उसे अचानक चक्कर आना शुरू हुआ और वह सड़क पर गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद करने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही क्षणों में उसकी सांसें थम गईं।
चश्मदीदों ने बताया कि गिरने के बाद युवक को तेज़ सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके कारण शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। सूचना पर पहुँची परदेशीपुरा पुलिस ने मौके का मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवार का कहना है कि विनीत पहले बिल्कुल स्वस्थ था और उसे किसी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। डॉक्टरों और विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में इंदौर में 30–40 साल से कम उम्र के युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में तेज़ वृद्धि हुई है। तनाव, अनियमित जीवनशैली, नींद की कमी और असंतुलित खानपान को इसकी प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए युवाओं को नियमित व्यायाम, हेल्दी डाइट, समय पर जांच और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है। लगातार बढ़ते मामले शहर के लिए चेतावनी का संकेत हैं।







