मध्यप्रदेश में विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,52,615 रुपये तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 12,609 रुपये की वृद्धि दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य अर्थव्यवस्था की गति विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत होती दिखाई दे रही है।
13 वर्षों में दोगुने से अधिक हुई प्रति व्यक्ति आय
राज्य की प्रति व्यक्ति आय में पिछले एक दशक में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2011-12 में जहां प्रति व्यक्ति आय मात्र 67,301 रुपये थी, वहीं 13 वर्षों के भीतर यह दोगुनी से ज्यादा बढ़कर 1.52 लाख रुपये से आगे निकल गई है।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े भी लगातार वृद्धि की ओर इशारा करते हैं:
- 2022-23: 1,27,947 रुपये
- 2023-24: 1,39,713 रुपये
- 2024-25: 1,52,615 रुपये
ये डेटा स्पष्ट करता है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था स्थिरता के साथ प्रगति कर रही है।
GVA में सभी प्रमुख क्षेत्रों की सकारात्मक वृद्धि
राज्य के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में लगभग सभी सेक्टरों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कई सेक्टरों में वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत के आसपास या उससे भी बेहतर दर्ज की गई है।
मुख्य सेक्टरों का प्रदर्शन
- मत्स्य पालन: 17.84% की शानदार बढ़ोतरी
- रेलवे: 20.51% की तेज वृद्धि
- पशुधन: 8.39% की वृद्धि
- व्यापार-होटल-जलपान गृह: 9% की वृद्धि
- खनन: 8.17% वृद्धि
- संचार व प्रसारण: 11.52% वृद्धि
- उत्पादों पर आर्थिक सहायता: 14.67% बढ़ोतरी
ये सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देते हैं और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।
कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों में भी steady growth
कृषि क्षेत्र, जो मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, इस साल 1.60% की वृद्धि के साथ स्थिर रहा है।
अन्य सेक्टरों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- वन क्षेत्र: 2.91%
- विनिर्माण: 5.24%
- बिजली, गैस, जल आपूर्ति: 5.96%
- परिवहन व भंडारण: 6.93%
- वित्तीय सेवाएं: 4.82%
- लोक प्रशासन: 7.60%
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
प्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी, उद्योग नीति और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने से मध्यप्रदेश की विकास दर आगे भी इसी तरह बनी रह सकती है। रेलवे, मत्स्य और संचार जैसे क्षेत्रों में बनी गति से भविष्य में और भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
राज्य सरकार का दावा है कि यह उपलब्धियां ‘डबल इंजन सरकार’ की आर्थिक नीतियों, निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे का परिणाम हैं।
समग्र रूप से, वित्तीय वर्ष 2024-25 मध्यप्रदेश की आर्थिक सेहत के लिए बेहद सकारात्मक रहा है। प्रति व्यक्ति आय, GVA और प्रमुख सेक्टरों की वृद्धि यह संकेत देती है कि प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बन सकता है।







