मध्य प्रदेश में दो साल की मासूम बच्ची को अगवा कर रेप और हत्या करने वाले मामले में जिला अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी ट्रक ड्राइवर दिनेश को चार उम्रकैद, किडनैपिंग के लिए पांच साल की कठोर कैद, और 42,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध पर स्पेशल POCSO कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और कहा कि ऐसे अपराध समाज की आत्मा को झकझोर देते हैं, इसलिए नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है।
जज का सख्त संदेश—यह अपराध समाज के लिए असहनीय
स्पेशल POCSO कोर्ट की जज क्षिप्रा पटेल ने अपने फैसले में कहा कि दो साल की बच्ची के साथ की गई यह क्रूरता न केवल अमानवीय है बल्कि सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की दया न्याय के साथ विश्वासघात होगी। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की चार सज़ाएँ एक साथ सुनाईं।
12 अक्टूबर 2022 की रात हुई थी दिल दहला देने वाली घटना
यह दर्दनाक मामला 12 अक्टूबर 2022 की रात का है। एक गरीब परिवार अधूरे निर्माण वाले घर में सो रहा था। दरवाज़ा न होने के कारण परिवार असुरक्षित था। रात करीब 1:30 बजे आरोपी चुपके से अंदर घुसा और सोती हुई दो साल की बच्ची को उसकी मां की गोद से उठा ले गया।
कुछ ही देर बाद बच्ची झाड़ियों में मृत मिली—उसके शरीर पर दरिंदगी के निशान साफ दिख रहे थे।
CCTV और DNA रिपोर्ट ने अपराधी की पोल खोली
पुलिस ने घटना की जांच में वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लिया।
- आसपास लगे CCTV कैमरों में आरोपी का ट्रक घटना स्थल के आसपास घूमता हुआ मिला।
- DNA रिपोर्ट ने आरोपी को सीधे-सीधे अपराध से जोड़ा।
इन सबूतों ने केस को मजबूत किया और आरोपी के बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी।
कोर्ट का कड़ा रुख—कम सजा देना भी अपराध के समान
फैसला सुनाते वक्त कोर्ट ने कहा:
“जो व्यक्ति दो साल की मासूम बच्ची पर हाथ उठा सकता है, उसे समाज में रहने का अधिकार नहीं। ऐसे दरिंदों के लिए नरमी दिखाना भी एक तरह से समाज के साथ अन्याय है।”
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे अपराधों में कठोर सज़ा जरूरी है ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि मासूमों पर अत्याचार करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।







