Ladli Bahna Yojana 31th installment: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को छतरपुर जिले के राजनगर में लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश भर की लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपए की राशि ट्रांसफर की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 510 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया।
1.26 करोड़ बहनों को 1857 करोड़ रुपए जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी बहनों के खातों में 1857 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है। इनमें छतरपुर जिले की 3.24 लाख से अधिक बहनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने के बाद से अब तक 46,500 करोड़ रुपए सीधे बहनों को प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिला है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला कनेक्शन के माध्यम से बहनों को मिले लाभों का भी उल्लेख किया।
बुंदेलखंड की शौर्यभूमि को नमन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेलखंड को वीरों और मंदिरों की भूमि बताया। उन्होंने महाराजा छत्रसाल के शौर्य को नमन करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में बुंदेलखंड की पहचान महाविजय भूमि के रूप में होती थी। सीएम ने बताया कि खजुराहो में महाराज छत्रसाल और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं का हाल ही में अनावरण किया गया है।
खजुराहो को मिलेगा कन्वेंशन सेंटर और फाइव स्टार होटल
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के चहुमुखी विकास के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की।
- 270 करोड़ लागत के 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन
- 240 करोड़ लागत के 20 कार्यों का लोकार्पण
इनमें 2 सांदीपनि विद्यालय और स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि खजुराहो में बड़ा कन्वेंशन सेंटर और फाइव स्टार होटल बनाया जाएगा। साथ ही राजनगर में राजगढ़ पैलेस के विकास से पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
चार नए मेडिकल कॉलेज और केन-बेतवा परियोजना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दमोह, छतरपुर, पन्ना और कटनी जिलों में चार नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। केन-बेतवा लिंक परियोजना से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा, जिससे खेती और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
सागर में नया इंडस्ट्रियल पार्क, हजारों को रोजगार
सीएम ने बताया कि सागर में नया इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे 30,000 से अधिक रोजगार अवसर पैदा होंगे। साथ ही दो नेशनल हाइवे को जोड़ने वाली फोर-लेन सड़क से दमोह-सागर मार्ग बेहतर और तेज़ होगा।







