सिंगरौली।। सिंगरौली जिले के बंधौरा क्षेत्र में संचालित महान एनर्जेन लिमिटेड परियोजना के आसपास के ग्रामीण इलाकों में अदाणी फाउंडेशन द्वारा महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब ठोस परिणाम देने लगे हैं। फाउंडेशन की पहल से अब तक 300 से अधिक स्थानीय महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कई महिलाएं मशरूम उत्पादन, सिलाई, सिक्की आर्ट, जैविक खेती, बायोगैस प्लांट संचालन, शहद उत्पादन और वॉशिंग पाउडर निर्माण जैसी इकाइयों को सफलतापूर्वक चला रही हैं। इन गतिविधियों से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी पहले से अधिक मजबूत हुई है।

वित्तीय साक्षरता पर विशेष जोर
स्थानीय युवाओं और महिलाओं में दीर्घकालिक आर्थिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बचत, निवेश, बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय जिम्मेदारी की समझ विकसित की जा रही है, ताकि महिलाएं अपने व्यवसाय को लंबे समय तक टिकाऊ बना सकें।
उद्यमी मेला बना प्रेरणा का मंच
शुक्रवार को बैढ़न स्थित अटल सामुदायिक भवन में अदाणी फाउंडेशन के तत्वावधान में “महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण उद्यमिता के अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर एक दिवसीय उद्यमी मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, कृषि आधारित सामग्री और स्थानीय हुनर से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई, जो आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उद्यमिता, विपणन रणनीतियों, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में यह आयोजन अत्यंत प्रभावी साबित हुआ।
अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अर्चना सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अरविंद डामोर, यूनियन बैंक के प्रतिनिधि श्री नीतिन पटेल, सीएसआर हेड मनोज प्रभाकर सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षक, युवा और हुनरमंद महिलाएं उपस्थित रहीं। अतिथियों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को सामाजिक विकास के लिए आवश्यक बताया।
सफलता की कहानियों से बढ़ा आत्मविश्वास
महिला उद्यमी संजू द्विवेदी, तारा यादव, कमलेश और सत्य कुमारी जायसवाल ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण, निरंतर मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय को सफल बनाया। उनकी कहानियों ने अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
सिक्की आर्ट बना आय का सशक्त माध्यम
सिक्की आर्ट की प्राकृतिक खूबसूरती और पर्यावरण से जुड़े स्वरूप के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। इस कला में प्रशिक्षित महिलाएं अब बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिससे उनकी नियमित आय सुनिश्चित हो रही है। अदाणी फाउंडेशन द्वारा उनके हस्तशिल्प के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं भविष्य में इन उत्पादों को राज्य के अन्य शहरों तक पहुंचाने की योजना भी बनाई गई है।
सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम
आसपास के गांवों में अदाणी फाउंडेशन कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित कर रहा है। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि उन्हें सामाजिक, मानसिक और शारीरिक रूप से भी सशक्त कर रही है।

कुल मिलाकर, सिंगरौली जिले में अदाणी फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ स्थानीय विकास की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।







