असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अक्सर कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी पर राजनीतिक हमले करते रहते हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस पर घुसपैठियों को नई पहचान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को घुसपैठियों से इतना ही लगाव है तो उन्हें राहुल गांधी के घर भेज देना चाहिए। सरमा का यह बयान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के उस कथन के बाद आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर घुसपैठियों को ‘नए असमिया’ कहा था।
हमारे घर में जगह नहीं
सरमा ने सख्त लहजे में कहा कि अगर गोगोई ने ऐसा कहा है तो वे उन्हें अपने घर में जगह दें, क्योंकि हमारे घर में इनके लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मूल असमियों के लिए ही पर्याप्त संसाधन और जगह नहीं है तो नए असमियों को कैसे बसाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि न जमीन है, न घर, न पर्याप्त सुविधाएं। ऐसे में इन तथाकथित नए असमियों को सुविधाएं देना असंभव है।

घुसपैठियों पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर गोगोई को इन लोगों की इतनी चिंता है तो उन्हें राहुल गांधी के घर भेज देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए चलाया जा रहा बेदखली अभियान जारी रहेगा। उन्होंने साफ कर दिया कि अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद भी बीजेपी सत्ता में लौटेगी और तब भी यह अभियान जारी रहेगा।
बोडो संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
राजनीतिक बयानबाज़ी के साथ-साथ मुख्यमंत्री सरमा ने सांस्कृतिक पहल की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि नवंबर में 10,000 से अधिक कलाकार बोडो जनजाति का लोकनृत्य ‘बागुरुम्बा’ प्रस्तुत करेंगे। यह आयोजन बिहू और झुमुर की तरह भव्य होगा और दुनिया भर के सामने भारत की संस्कृति को प्रदर्शित करेगा। उनका कहना है कि यह कार्यक्रम न केवल बोडो समुदाय की विरासत को बढ़ाएगा बल्कि देश को भी गर्व महसूस कराएगा।
संस्कृति और राजनीति का संगम
हिमंत बिस्वा सरमा के हालिया बयानों में जहां एक ओर कांग्रेस और घुसपैठियों पर सीधा हमला था, वहीं दूसरी ओर उन्होंने असम की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की योजना भी पेश की। इससे साफ है कि सरमा राजनीति के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक और सांस्कृतिक संतुलन किस तरह से आगे बढ़ता है।







