बिहार में मतदाता सूची की गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) और कथित “वोट चोरी” के खिलाफ कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज यानी 17 अगस्त से “वोटर अधिकार यात्रा” की शुरुआत कर दी है। यह यात्रा कुल 16 दिनों तक चलेगी और लगभग 1300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस दौरान विपक्षी INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता राहुल गांधी के साथ रहेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक अभियान नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की लड़ाई है।
20 ज़िलों से गुज़रेगी यात्रा
यह यात्रा आज सासाराम से शुरू होकर एक सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में विशाल जनसभा के साथ खत्म होगी। राहुल गांधी इस दौरान औरंगाबाद के अम्बा, गया के वज़ीरगंज, शेखपुरा, मुंगेर, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, दरभंगा, सीतामढ़ी, बेतिया और छपरा समेत 20 से ज़्यादा ज़िलों में लोगों से सीधे जुड़ेंगे। कांग्रेस ने यात्रा का पूरा रोडमैप सोशल मीडिया पर साझा किया है। खास बात यह है कि इस यात्रा के दौरान तीन दिन—20, 25 और 31 अगस्त—का ब्रेक भी रखा गया है।
राहुल गांधी का जनता से आह्वान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह यात्रा “एक व्यक्ति-एक वोट” के अधिकार को बचाने की जंग है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे बड़ी संख्या में इस यात्रा से जुड़ें और संविधान बचाने के आंदोलन का हिस्सा बनें। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों का वोट छीन रहे हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि यह यात्रा बिहार से लोकतंत्र को नई दिशा देगी।
कांग्रेस का बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमला
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी के “डबल इंजन” का कोच नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि आज सबसे ज्यादा खतरा वोट के अधिकार पर मंडरा रहा है। गरीब, दलित, वंचित और अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खेड़ा ने इसे ऐतिहासिक आंदोलन बताते हुए कहा कि बिहार की जनता को खुलकर इस यात्रा से जुड़ना चाहिए।
सीट बंटवारे पर RJD-कांग्रेस में तनातनी
हालांकि इस यात्रा के बीच कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीट बंटवारे को लेकर तनाव भी सामने आ रहा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर लड़ाई लड़ी थी जिसमें से 19 पर जीत मिली थी। इस बार भी कांग्रेस 70 सीटों की मांग कर रही है लेकिन आरजेडी 50 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है। राहुल गांधी ने बिहार संगठन में बदलाव कर अपने करीबी कृष्ण अलावरू को प्रभारी और दलित विधायक राजेश राम को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी जातीय जनगणना और वोट अधिकार मुद्दे को मजबूती से उठाने वाली है।







