मंगलवार को एनडीए संसदीय पार्टी की बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेता मौजूद रहे। बैठक में एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को भी पेश किया गया। सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा और कहा कि नेहरू ने देश को दो बार बांटा। उन्होंने बताया कि सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को 80 प्रतिशत पानी दिया गया था, जिसे बाद में नेहरू ने अपने सचिव के जरिए स्वीकार किया कि इससे कोई लाभ नहीं हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता किसानों के खिलाफ था।
सीपी राधाकृष्णन का परिचय
बैठक में पीएम मोदी ने एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन ओबीसी समुदाय के जमीनी स्तर के नेता हैं, बेहद सरल हैं और राजनीति में विवादों से दूर रहते हैं। पीएम मोदी ने हंसी-मजाक के अंदाज में बताया कि वह और राधाकृष्णन पुराने दोस्त हैं और दोनों की दोस्ती उस समय से है जब उनके बाल काले थे।
नेहरू पर पीएम का निशाना
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज संविधान की शपथ की बात करते हैं, वे कभी संविधान में विश्वास नहीं करते थे। उन्होंने बताया कि नेहरू ने कैबिनेट की सहमति के बिना पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए। पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू ने पाकिस्तान को 80 प्रतिशत पानी दिया और हम अब भी उस गलती को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
किसानों से किया वादा
प्रधानमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि सिंधु जल संधि से जुड़ी नेहरू की गलतियों को सुधारने में समय लगेगा। उन्होंने किसानों से बड़ा वादा करते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी ने विपक्ष से अपील की कि उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को समर्थन दें और सहमति से चुनाव संपन्न हो।
विपक्ष पर सबकी नजर
एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए सीपी राधाकृष्णन का नाम घोषित कर दिया है, अब सबकी नजर विपक्ष पर है कि वह किस उम्मीदवार का समर्थन करेगा। समजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी इंडिया एलायंस ने भी निर्णय ले लिया है और इसकी जानकारी जल्द साझा की जाएगी। सीपी राधाकृष्णन का जीवन सरल, निष्कलंक और समाज के लिए समर्पित रहा है, इसलिए उनका चुनाव देश के लिए गर्व का विषय होगा।







